रायपुर:- छत्तीसगढ़ में ठग और जालसाज लगातार लोगों को निशाने पर ले रहे हैं. राजधानी रायपुर में फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर ठगी का खुलासा हुआ है. इस केस में करीब 34 लोगों के साथ करोड़ों की ठगी हुई है. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्त में आए आरोपी शिक्षक और क्लर्क हैं. रायपुर की राखी थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है.
फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर ठगी
रायपुर राखी थाना अंतर्गत पुलिस ने मंगलवार को फर्जी नियुक्ति आदेश जारी करके पीड़ितों से ठगी करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें एक शिक्षक और एक क्लर्क शामिल है. पीड़ितों को सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय नया रायपुर में विभिन्न पदों की भर्ती हेतु फर्जी आदेश जारी कर उनसे ठगी की गई थी. दोनों आरोपियों ने लगभग 34 लोगों के साथ ठगी की. कुल 1 करोड़ 50 लाख रुपये की ठगी को इन दोनों ने अंजाम दिया.
आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एक्शन
पकड़े गए आरोपियों ने आदेश में सचिव एवं उपसचिव के डिजिटल हस्ताक्षर भी लगाए थे. पकड़े गए क्लर्क और शिक्षक मूल रूप से राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के रहने वाले हैं. फर्जी आदेश को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था. आरोपी राजेश शर्मा पेशे से शासकीय स्कूल में शिक्षक है. मनोज कुमार श्रीवास्तव एक प्राइवेट स्कूल में क्लर्क है. इनके कब्जे से पुलिस ने कंप्यूटर सीपीयू मॉनिटर भी जप्त किया है. आरोपियों के खिलाफ थाना राखी में धारा 318, 319, 336 और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस आरोपियों के मोबाइल की भी जांच कर रही है.
रायपुर पुलिस की जांच में क्या निकला
राखी थाना प्रभारी आशीष सिंह राजपूत ने बताया कि आरोपी की पहचान राजेश शर्मा और मनोज कुमार श्रीवास्तव के रूप में हुई है. राजेश शर्मा राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में शिक्षक है. शिक्षक का साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव डोंगरगढ़ के एक प्राइवेट स्कूल में क्लर्क है. पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने जब पूछताछ की तो पता चला कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, जिसकी वजह से उन्होंने कई बेरोजगारों को नौकरी का झांसा दिया और उनसे ठगी की वारदात को अंजाम दिया.

