उत्तर प्रदेश:- फतेहपुर में पत्नी द्वारा पति के साथ मिलाकर साजिश के तहत अपने ही प्रेमी की हत्या का मामला सामने आया है. पति-पत्नी ने ना सिर्फ दोनों के बीच आए ‘वो’ की हत्या की बल्कि डेडबॉडी को ब्लेंडर मशीन (कटर) और आरी से काटा. खासतौर से महिला ने पति के साथ मिलकर उसके हाथ-पैर काट डाले. इसके बाद शव को ले जाकर कानपुर के जंगल में जला दिया. इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने सोमवार (01 जून, 2026) को पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया. पति-पत्नी द्वारा शव जलाने की कोशिश कामयाब नहीं हो पाई और मामले का खुलासा हो गया.
यूपी के हमीरपुर के रहने वाला कामता प्रसाद गुजरात की किसी कंपनी में नौकरी करता था, जबकि उसकी पत्नी किरन देवी हमीरपुर के मनकी गांव में अकेले रहती थी. कम कमाई की वजह से कामता प्रसाद अपनी पत्नी को गुजरात में रखने में सक्षम नहीं था. वहीं, टिकरा गांव में रहने वाला विजय निषाद श्रमिक था और वह अक्सर हमीरपुर आता-जाता रहता था.
करीब 1 साल पहले से विजय और किरन की मुलाकात हुई और दोनों की बीच संबंध बन गए. यह बात पूरे गांव में फैल गई. कामता प्रसाद को गुजरात में इस बात की जानकारी मिली कि उसकी पत्नी किरन का अफेयर विजय निषाद नाम के युवक के साथ चल रहा है. संबंधों में बचाने के लिए गुजरात की नौकरी छोड़कर कामता प्रसाद वापस आ गया. इस बीच उसने पत्नी को समझाया तो वह विजय निषाद से दूरी बनाने के लिए तैयार हो गई.
पत्नी के पेट में पल रहा किसका बच्चा
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि गुजरात से लौटे कामता प्रसाद ने अपनी पत्नी किरन ने मिलकर विजय को मारने का प्लान बनाया. किरन 4 महीने की प्रेग्नेंट भी है. सवाल यह है कि यह बच्चा प्रेमी विजय निषाद का है या फिर पति कामता प्रसाद का.
कैसे की हत्या
पुलिस के अनुसार, 8 मई, 2026 को पूरी साजिश के तहत किरन ने प्रेमी विजय को फोन करके घर बुलाया. वह आया तो यहां पत्नी ने अपने पति कामता के साथ मिलकर विजय की हत्या कर दी. इसके बाद लाश के टुकड़े किए और बॉडी जलाने की कोशिश की. वहीं, लगातार 3 दिन तक बेटे के लापता रहने की वजह से 11 मई, 2036 को उसके पिता इंद्रपाल निषाद ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई.

