सरगुजा:- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलमा में जमीन के पुराने विवाद ने रविवार को हिंसक रूप ले लिया. करीब 6.30 एकड़ जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में 60 वर्षीय होशराम की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है.
सिलमा गांव में 6.30 एकड़ निजी पट्टे की जमीन को लेकर पिछले पांच वर्षों से विवाद चल रहा है. यह जमीन मूल रूप से कामेश्वरी के नाम पर थी, जो निसंतान थीं. परिजनों के अनुसार, कामेश्वरी का भरण-पोषण धनेश्वरी और उनके पति होशराम करते थे. इसी वजह से कामेश्वरी ने अपने जीवनकाल में वसीयत के जरिए जमीन धनेश्वरी के नाम कर दी थी. दूसरी ओर, कामेश्वरी के भतीजे भुनेश्वर पैंकरा और उनके बेटे बजरंग पैंकरा भी इस जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं. दोनों पक्षों ने राजस्व विभाग में नामांतरण के लिए आवेदन किया था और मामला एसडीएम कार्यालय में लंबित है.
नामांतरण के आदेश से बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, तत्कालीन एसडीएम ने 25 अप्रैल 2025 को जमीन का नामांतरण होशराम के परिवार के पक्ष में किया था. बाद में 18 सितंबर 2025 को दूसरे पक्ष के नाम भी आदेश जारी कर दिया गया. विरोधाभासी आदेशों के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया.
खेत जोतने को लेकर हुआ विवाद
रविवार को होशराम को सूचना मिली कि दूसरे पक्ष के लोग ट्रैक्टर लेकर विवादित जमीन पर खेती करने पहुंचे हैं. होशराम उन्हें समझाने और रोकने के लिए खेत पहुंचे. आरोप है कि वहां पहले से मौजूद उमेश पैंकरा, बजरंग पैंकरा और उनके साथियों ने लाठी-डंडों से उनकी बेरहमी से पिटाई की.
जान बचाकर भाग रहे होशराम को ट्रैक्टर से कुचला
परिजनों और पुलिस के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बाद होशराम जान बचाकर भागने लगे. इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें खेत में ट्रैक्टर से काफी दूर तक घसीटा और फिर कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीओपी राजेंद्र मंडावी मौके पर पहुंचे. शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया.

