धमतरी:- धमतरी के 7 गांवों में हाथियों के झुंड के पहुंचने से खलबली मच गई है. केरेगांव वन परिक्षेत्र अधिकारी के मुताबिक चंदा हाथियों का झुंड एक बार फिर गांव के करीब पहुंच चुका है. गांव के बाहर हाथियों की मौजूदगी के चलते दहशत का माहौल है. फिलहाल हाथियों का झुंड जिसमें ज्यादातर दंतैल हाथी शामिल हैं, छुही बीट में डटे हुए हैं. वन विभाग ने लोगों को जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दी है.
7 गांवों में हाथियों को लेकर अलर्ट
वन विभाग के मुताबिक दंतैल हाथी वर्तमान में कक्ष क्रमांक P-143 के आसपास विचरण कर रहे हैं. हाथियों का झुंड आगे बढ़कर जोगीडीह की आबादी क्षेत्र और धमतरी-केरेगांव रेंज की ओर जाने की संभावना जताई जा रही है. जिसे देखते हुए जोगीडीह, छुही, पीपरछेड़ी, बाजारकुर्रीडीह, साल्हेभाट, सिरौदकला और कमारपारा को हाई अलर्ट पर रखा गया है. वहीं बासीखाई, झुरातराई और भालुचुवा गांवों में भी अलर्ट जारी किया गया है.
गांवों में कराई गई मुनादी, ग्रामीणों को किया सतर्क
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही है. पीपरछेड़ी और कमारपारा सहित प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया गया है. ग्रामीणों से कहा गया है कि हाथी की मौजूदगी के दौरान जंगल की तरफ न जाएं और किसी भी स्थिति में हाथी के करीब जाने या उसे परेशान करने की कोशिश न करें. वन विभाग ने यह भी अपील की है कि यदि किसी ग्रामीण को हाथी दिखाई देता है तो वह तत्काल नजदीकी वन कर्मचारी को इसकी सूचना दे, ताकि टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सके.
गरियाबंद से धमतरी तक हाथियों का कॉरिडोर-डीएफओ
डीएफओ कृष्ण जाधव ने बताया कि चंदा दल का यह हाथी गरियाबंद की तरफ से उत्तर सिंगपुर होते हुए केरेगांव रेंज में पहुंचा है और वर्तमान में छुही बीट में विचरण कर रहा है. हाथी के आसपास करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली बस्तियों और गांवों को सतर्क किया गया है. डीएफओ ने बताया कि यह हाथियों का झुंड पहले भी इस क्षेत्र में विचरण कर चुका है. लगातार आवाजाही को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि हाथियों ने इस इलाके में अपना एक निर्धारित कॉरिडोर बना लिया है. गरियाबंद से उत्तर सिंगपुर, धमतरी रेंज के डुबान क्षेत्र से होते हुए ये हाथी आगे कभी वापस लौटता है तो कभी बालोद की दिशा में भी जाने की संभावना रहती है.
वन विभाग का फोकस, हाथी को मिले फ्री पैसेज
डीएफओ ने कहा कि वन विभाग का प्रयास है कि हाथी को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ने दिया जाए. इसके लिए प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और ग्रामीणों को भी लगातार जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हाथी को परेशान करने या उसके रास्ते में जाने से स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए लोग सुरक्षित दूरी बनाए रखें.

