रायपुर:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दुर्ग जिले के भिलाई-3 स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अहिवारा के दिवंगत विधायक स्वर्गीय डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने अहिवारा स्थित शासकीय महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के नाम पर करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री कोर्सेवाड़ा का निधन छत्तीसगढ़ के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। वे एक सरल, सहज, मृदुभाषी और मिलनसार जनप्रतिनिधि थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज की सेवा और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। विशेष रूप से अनुसूचित जाति समाज के विकास, सामाजिक सशक्तीकरण और क्षेत्र की प्रगति में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय कोर्सेवाड़ा को लोग आत्मीयता के साथ ‘गुरुजी’ कहकर संबोधित करते थे। यह संबोधन उनके प्रति समाज के गहरे सम्मान और विश्वास का प्रतीक था। उन्होंने अपने व्यवहार और कार्यों से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया था। जनसेवा के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय कोर्सेवाड़ा के साथ जुड़े आत्मीय प्रसंगों को साझा करते हुए बताया कि जब वे उपचार के लिए हैदराबाद में भर्ती थे, तब उन्होंने स्वयं फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। साथ ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को भी हैदराबाद जाकर उनका हाल-चाल जानने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके स्वस्थ होकर लौटने की हम सभी को आशा थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनका जाना हम सभी के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री कोर्सेवाड़ा ने जनप्रतिनिधि के रूप में सदैव क्षेत्र के विकास और आमजन की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी। उनकी स्मृतियों और जनसेवा की विरासत को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए अहिवारा के शासकीय महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया जाएगा। यह उनके प्रति प्रदेश सरकार और क्षेत्र की जनता की ओर से सम्मानपूर्ण श्रद्धांजलि होगी।

