नई दिल्ली :- 18 जून को राज्यसभा चुनाव होना है, लेकिन इससे पहले मध्यप्रदेश में बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के बाद पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है, जहां आज सुनवाई नहीं हो सकी। वहीं दूसरी ओर राज्यसभा चुनाव से पहले मोदी कैबिनेट में फेरबदल की भी चर्चा जोरों पर है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मोदी कैबिनेट के एक दर्जन मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल हो सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि 18 जून के बाद कभी भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकते हैं।
एक नामी मीडिया में छपी खबर के अनुसार आगामी दिनों में होने वाले उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के विधानसभा चुनलाव की तैयारियेां में जुटी भाजपा राज्यसभा चुनाव से पहले बड़े फैसले ले सकती है। सूत्रों की मानें तो कम से कम 2 कैबिनेट मंत्री और 3 राज्य मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है। लेकिन राजनीतिक पंडितों की मानें तो कम से कम 12 मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल किए जा सकते हैं।
गठबंधन के सहयोगी दलों को होगा फायदा
रिपोर्ट के मुताबिक, सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि मोदी सरकार की नई कैबिनेट में JD(U), TDP, NCP और RLM जैसे सहयोगी दलों (Allies) को जगह मिल सकती है। इसमें भी नीतीश कुमार की JD(U) और चंद्रबाबू नायडू की TDP को सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है। जबकि, सहयोगी दलों के ज्यादातर नेताओं को राज्य मंत्री का पद मिलने की उम्मीद है।
मंत्रियों को मिल सकती है संगठन में जिम्मेदारी
कहा जा रहा है कि राज्यसभा का कार्यकाल पूरा कर रहे कई मंत्रियों को इस साल या 2027 की शुरुआत में संगठन में भेजा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, माना जा रहा है कि 70 साल से ज्यादा उम्र के कुछ राज्यसभा सांसदों को बदलने पर विचार किया जा सकता है और नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि भाजपा मोर्चा नेताओं को कैबिनेट में पहली बार शामिल किया जा सकता है।

