उत्तर प्रदेश:- राजधानी लखनऊ में शादीशुदा ओला ड्राइवर का अपनी सवारी से ही प्यार हो गया. वह अक्सर उसकी ही टैक्सी से ऑफिस आती-जाती थी. चंद मुलाकातों के दोस्ती हुई फिर इस कदर प्यार हुआ कि ओला ड्राइवर अपनी पत्नी को भी छोड़ने के लिए तैयार हो गया. एक दिन तो हद हो गई ओला ड्राइवर उस समय अपनी प्रेमिका को घर ले कर आ गया जब कोई नहीं था. इस बीच अचानक बाजार गई पत्नी वापस लौटी तो पति और उसकी प्रेमिका को कमरे में आपत्तिजनक हालत में देखकर सकते में आ गई. विरोध करने पर ओला ड्राइवर उमेंद्र ने अपनी प्रेमिका आरती के साथ मिलकर पत्नी अंजलि को मार डाला.
आरोप है कि ओला ड्राइवर पति उमेंद्र के सवारी के रूप में परिचय में आई आरती से अवैध संबंध थे. पता चलने पर इसका अंजलि विरोध करती थी. इसी कारण उसने आरती और साथियों के साथ मिलकर अंजलि की हत्या कर दी. इसके बाद शव गोमती नदी में फेंक दिया. ओला टैक्सी चलाने के दौरान हुई मुलाकात पुलिस ने जांच में खुलासा किया कि उमेंद्र कुछ वर्षों से यूपी की राजधानी लखनऊ में उबर टैक्सी चलाता था. वह पहले से ही शादीशुदा है. इसी दौरान उसकी मुलाकात आरती वर्मा से हुई थी. पहली मुलाकात तब हुई जब वह सवारी के रूप में उमेंद्र की टैक्सी में बैठी. बातचीत के दौरान पता चला कि आरती का अपनी मां से विवाद था, इसलिए वह अलग किराये के मकान में 12 वर्षीय बेटे के साथ रहती थी. वर्ष 2018 में ही उसका तलाक हो चुका था. चंद मुलाकातों के बाद दोनों बहुत करीब आ गई. यहां तक कि बेटा स्कूल चला जाता तो ओला ड्राइवर उमेंद्र प्रेमिका के घर जाता और दोनों संबंध बनाते.
अंजलि 30 जुलाी को अचानक लापता हो गई. इसके बाद पति उमेंद्र ने 31 जुलाई को रहीमाबाद थाने में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई. फिर शाम को इटौंजा में गोमती नदी से शव बरामद हुआ. जेवर गर्लफ्रेंड देकर कराई FIR इसका पता पत्नी अंजलि को चला तो वह विरोध करने लगी. इस बीच उमेंद्र और आरती ने मिलकर अंजलि की हत्या का प्लान बना लिया. इसके बाद उमेंद्र ने प्रेमिका आरती के साथ मिलकर पत्नी अंजलि की हत्या कर दी. सबूत छिपाने के इरादे से शव गोमती नदी में फेंक दिया. इसके बाद चालाकी दिखाते हुए उमेंद्र ने 10 लाख के जेवर प्रेमिका को दे दिए. इसके बाद पत्नी अंजलि की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई और कहां कि घर से वह लाखों के जेवर लेकर कहीं चली गई है. गोमती नदी में अंजलि का शव मिलने के मामले का पुलिस ने पुलिस ने सर्विलांस की मदद से दोनों को गिरफ्तार कर कार व जेवर बरामद किया.
जीजा उमेंद्र के आरती से अवैध संबंध उधर, अंजलि के भाई पुष्पेंद्र प्रताप ने पुलिस को दी जानकारी में बताया था कि उसके जीजा उमेंद्र के आरती से अवैध संबंध थे और इसका अंजलि विरोध करती थी. इसी कारण उसने आरती और साथियों के साथ मिलकर अंजलि की हत्या कर दी. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार, दो मोबाइल फोन और दस लाख के जेवर बरामद किए गए हैं. अंजलि कला वर्ग से स्नातक थी और वह पढ़ाई जारी रखना चाहती थी, लेकिन शादी के बाद पढ़ाई छूट गई. अंजलि का सात वर्षीय बेटा पीयूष अब अपनी नानी के साथ उन्नाव में है.

