मानसून का मौसम जहां प्रकृति में नई जान डालता है, वहीं यह मलेरिया, डेंगू, बुखार, सर्दी-खांसी, जोड़ों का दर्द, हाई ब्लड प्रेशर और त्वचा में जलन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी लाता है. इसके अलावा, बारिश शुरू होते ही खाने और पानी से होने वाले इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इस मौसम में छोटे बच्चों का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि मौसम बदलने से उनके बीमार पड़ने की संभावना ज्यादा होती है. डॉक्टरों ने कहा कि ज्यादातर संक्रामक बीमारियों से सही खान-पान, साफ-सफाई, सुरक्षित पीने का पानी, संतुलित पोषण और समय पर टीकाकरण के जरिए बचा जा सकता है…
मानसून के दौरान बच्चों का खास ख्याल
पौष्टिक खाने के साथ-साथ बच्चों को उबला हुआ और फिल्टर किया हुआ पानी देना चाहिए. उन्हें स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर सीधे नल से पानी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि दूषित पानी से दस्त, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं. इसके अलावा, मानसून के मौसम में बच्चों में सर्दी-खांसी, बुखार, त्वचा की बीमारियां और ‘हैंड-फुट-माउथ डिजीज’ जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. इसलिए, डॉक्टर हाथ धोने की आदत, साफ-सफाई और साफ-सुथरा माहौल बनाए रखने पर जोर देने की सलाह देते हैं.
मानसून के दौरान सही खान-पान का महत्व
न्यूट्रिशनिस्ट प्रो. दीपावली वाघ इस बात पर जोर देती हैं कि मानसून के दौरान खाई जाने वाली सभी सब्जियों और फलों को अच्छी तरह साफ किया जाए. इस्तेमाल करने से पहले उन्हें खारे पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए. आम तौर पर, कच्ची सब्जियां या बिना पका हुआ खाना खाने से बचना चाहिए. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए अच्छी तरह पका हुआ खाना खाना खास तौर पर जरूरी है. वहीं, डॉ. अरुण मोंधे ने कहा कि मानसून के दौरान बच्चों और बड़ों, दोनों का पाचन तंत्र धीमा हो जाता है. नतीजतन, दूषित पानी और खाने से फैलने वाले पैथोजन (जैसे बैक्टीरिया और वायरस) गैस्ट्रोएंटेराइटिस, टाइफाइड, दस्त और पीलिया जैसी बीमारियां पैदा कर सकते हैं. सर्दी-खांसी के मामले भी बढ़ जाते हैं. इसलिए, मानसून के दौरान सही खान-पान बनाए रखना उतना ही जरूरी है जितना कि दवा लेना.
मौसमी सब्जियों को प्राथमिकता दें
प्रो. दीपावली वाघ ने मानसून के दौरान मिलने वाली मौसमी सब्जियां खाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान ताजा, हल्का और कम तेल वाला खाना शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है, जबकि भारी, तला-भुना और बहुत ज्यादा मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए. नियमित संतुलित आहार के साथ-साथ, चार जरूरी पोषक तत्वों पर खास ध्यान देना जरूरी है, वे है विटामिन C, आयरन, विटामिन D और जिंक. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस मौसम में सिर्फ साफ, ताजा और घर का बना खाना ही सुरक्षित होता है.
समय पर टीकाकरण कई बीमारियों से बचाता है
बच्चों के डॉक्टर डॉ. जयंत पंढरीकर ने कहा कि समय पर टीकाकरण जिसमें रोटावायरस, टाइफाइड और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत आने वाले टीके शामिल हैं. कई गंभीर संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा देता है. बच्चों के लिए टीकाकरण जितना ही जरूरी पोषण भी है. दूध, अंडे, दालें, फलियां, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और घर का बना पौष्टिक खाना बच्चे की डाइट का नियमित हिस्सा होना चाहिए. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए प्रोटीन और विटामिन A, C और D से भरपूर संतुलित आहार जरूरी है. इसके अलावा, अगर बार-बार बुखार, दस्त, उल्टी, लगातार खांसी, कमजोरी या पेशाब के रंग में बदलाव जैसे लक्षण दिखें, तो खुद इलाज करने के बजाय तुरंत बच्चों के डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
बच्चों के लिए टीकाकरण का महत्व
मुंबई के कामा अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. तुषार पाल्वे ने कहा कि मानसून के मौसम में बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाना बहुत जरूरी है. इसके लिए टीकाकरण जरूरी है. साथ ही, आहार में दूध, दालें, फल और हरी सब्जियां शामिल होनी चाहिए. बच्चों को 10 से 12 घंटे की नींद की भी जरूरत होती है. ये सावधानियां बरतने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं नहीं होंगी और उनकी इम्यूनिटी मजबूत होगी.
खुले में बिकने वाला खाना खाने से बचें
संतुलित, साफ और ताजा खाना इम्युनिटी बढ़ाता है और कई तरह की संक्रामक बीमारियों से बचाता है. मानसून के दौरान बच्चों को खुले में बिकने वाला खाना देने से बचना चाहिए. इसके बजाय, उन्हें गर्म, ताजा और घर का बना खाना खिलाना चाहिए. मानसून में माइक्रोबियल एक्टिविटी बढ़ जाती है, जिससे खुले में बिकने वाला खाना खाने से पेट और आंतों की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. खाने में दालें, फलियां, दूध, छाछ, दही, अंडे, मछली और प्रोटीन से भरपूर दूसरी चीजें शामिल होनी चाहिए. बच्चों की इम्युनिटी बनाए रखने के लिए प्रोटीन जरूरी है. डॉ. अरुण मोंधे ने कहा कि इसके अलावा, अगर मानसून के दौरान कोई स्वास्थ्य समस्या होती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.
बच्चों के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है
बच्चों के खाने में दूध, अंडे, दालें, फलियां, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसम के फल और घर का बना पौष्टिक खाना नियमित रूप से शामिल होना चाहिए. प्रोटीन के साथ-साथ, इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन A, C और D भी जरूरी हैं.
मानसून के दौरान बच्चों को कौन सी बीमारियां होती हैं?
मानसून के मौसम में पानी से होने वाली और सांस से जुड़ी बीमारियां (जैसे नाक बंद होना, ब्रोंकियल अस्थमा, ब्रोंको-निमोनिया और सर्दी-जुकाम) बढ़ जाती हैं.
मानसून में जमा पानी से मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू जैसी कीड़ों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
मानसून के दौरान दूषित खाना या पानी पीने से टाइफाइड, दस्त, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और हेपेटाइटिस A जैसी बीमारियां हो सकती हैं.
मानसून से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए सेहत से जुड़े टिप्स!
इस्तेमाल करने से पहले सब्जियों और फलों को नमक वाले पानी से अच्छी तरह धो लें.
कच्चे खाने के बजाय पका हुआ या स्टीम किया हुआ खाना चुनें.
अपनी डाइट में विटामिन C, विटामिन D, आयरन और जिंक से भरपूर चीजें शामिल करें.
