ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, वाणी, व्यापार, संचार और त्वचा का कारक माना जाता है। 7 सितंबर को बुध देव अपनी स्वराशि और उच्च राशि कन्या में प्रवेश करने जा रहे हैं। जब ग्रहों के राजकुमार बुध अपनी ही उच्च राशि में गोचर करते हैं, तो इसका प्रभाव अत्यंत शुभ और फलदायी हो जाता है। बुध का यह गोचर व्यापारिक निर्णय, वित्तीय स्थिति और बौद्धिक क्षमता में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव लाता है।
आइए जानते हैं कि 7 सितंबर को कन्या राशि में होने वाले बुध के इस गोचर का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इसके अशुभ प्रभावों से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
12 राशियों पर बुध गोचर का विस्तृत प्रभाव
मेष राशि: आपके छठे भाव में गोचर होने से कोर्ट-कचहरी और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, हालांकि स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतें।
वृषभ राशि: पांचवें भाव का बुध शिक्षा, प्रेम और संतान पक्ष के लिए अत्यंत शुभ है। यदि आप शेयर बाजार या रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो धन लाभ के योग बनेंगे।
मिथुन राशि: चौथे भाव में गोचर से सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। नया वाहन या मकान खरीदने की योजना सफल हो सकती है। माता जी के स्वास्थ्य में सुधार होगा।
कर्क राशि: तीसरे भाव में बुध आपके पराक्रम और संचार कौशल को बढ़ाएगा। छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक रहेंगी और भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा।
सिंह राशि: दूसरे भाव में गोचर से आपकी वाणी में गजब का आकर्षण आएगा, जिससे अटके हुए धन की प्राप्ति होगी। पैतृक संपत्ति से लाभ के योग बन रहे हैं।
कन्या राशि: आपकी अपनी राशि (लग्न भाव) में बुध का गोचर आपके व्यक्तित्व में निखार लाएगा। मानसिक स्पष्टता मिलेगी, व्यापार में बड़ा मुनाफा होगा और निर्णय क्षमता मजबूत होगी।
तुला राशि: बारहवें भाव में गोचर के कारण खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, जो लोग विदेश से जुड़े व्यापार या आईटी क्षेत्र में हैं, उन्हें अच्छा लाभ मिलेगा।
वृश्चिक राशि: ग्यारहवें भाव में बुध का होना आय के नए स्रोत खोलेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और बड़े भाई-बहनों व मित्रों से आर्थिक मदद मिलेगी।
धनु राशि: दसवें भाव में गोचर आपके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। नौकरी में पदोन्नति और कार्यस्थल पर अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा।
मकर राशि: नौवें भाव में गोचर से भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा के प्रयास सफल होंगे और धार्मिक या व्यापारिक यात्राओं से लाभ होगा।
कुंभ राशि: आठवें भाव में गोचर से अचानक धन लाभ या शोध कार्यों में सफलता मिल सकती है। हालांकि, अपनी सेहत और खान-पान पर विशेष ध्यान दें।
मीन राशि: सातवें भाव में गोचर से दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। व्यापारिक साझेदारी (Partnership) के लिए यह समय बेहद अनुकूल और लाभदायक रहेगा।
बुध ग्रह की शुभता बढ़ाने के अचूक ज्योतिषीय उपाय
यदि आपकी कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में हैं या गोचर के कारण अशुभ प्रभाव मिल रहे हैं, तो निम्नलिखित उपाय अवश्य करें:
मंत्र जाप: प्रतिदिन या प्रत्येक बुधवार को ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का 108 बार स्पष्ट उच्चारण के साथ जाप करें या बुध के तांत्रिक मंत्र का 36000 की संख्या में जप कराएं।
गणेश जी की आराधना: भगवान श्री गणेश को बुधवार के दिन दुर्वा (दूब घास) अर्पित करें और बेसन के मोदक का भोग लगाएं।
गौ सेवा: प्रत्येक बुधवार को गाय को हरा चारा, पालक या भीगी हुई हरी मूंग की दाल खिलाएं।
दान कार्य: गरीबों व जरूरतमंदों को हरे वस्त्र, हरी मूंग दाल या कांस्य के बर्तनों का दान करें।
व्यवहारिक उपाय: अपनी बहन, बेटी, बुआ और मौसी का आदर-सम्मान करें तथा उन्हें उपहार स्वरूप कुछ अवश्य दें।
निष्कर्ष:
कन्या राशि में बुध का गोचर विश्लेषणात्मक शक्ति और व्यापारिक दृष्टिकोण को मजबूत करने वाला है। यदि आप सही योजना और बुध देव के उपायों का पालन करेंगे, तो यह गोचर आपके जीवन में समृद्धि और सफलता लेकर आएगा।
भागवताचार्य पं गिरीश पाण्डेय
(एस्ट्रोसेज पैनल मेंबर)
शिवाय एस्ट्रोलॉजी पाइंट
अमरैया पारा पिथौरा
महासमुंद छत्तीसगढ़
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