चिक्कमगलुरु (कर्नाटक):- चिक्कमगलुरु जिले के मशहूर पर्यटन स्थल मणिक्यधारा झरने के पास से लापता हुई केरल की किशोरी का शव शुक्रवार को बरामद कर लिया गया है. किशोरी मंगलवार 7 अप्रैल से लापता थी. पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों ने लगातार चार दिनों तक चले बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार किशोरी के शव को ढूंढ निकाला.
गहरी खाई में मिला शव
मृतक किशोरी की पहचान 15 वर्षीय श्रीनंदा के रूप में हुई है. केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली थी. चिक्कमगलुरु ग्रामीण पुलिस स्टेशन के अधिकारी के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान जब एक टीम अरिशिनगुप्पे की तरफ से आगे बढ़ रही थी, तब उन्हें मणिक्यधारा के पास अरिशिनगुप्पे पर्वत श्रृंखला की हजारों फीट गहरी खाई में किशोरी का शव दिखाई दिया. पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है.
कैसे हुई थी लापता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीनंदा अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ मणिक्यधारा झरने के पास पिकनिक मनाने आई थी. मंगलवार की शाम लापता होने से ठीक पहले उसने अपने पिता के मोबाइल से रिश्तेदारों के साथ कुछ सोशल मीडिया रील्स बनाई थीं. उसने परिवार के साथ कुछ तस्वीरें भी खिंचवाईं और शाम करीब 5:30 बजे तक वह सबके साथ ही थी. लेकिन जब परिवार वाले झरने की सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, तभी वह अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो गई.
डॉग स्क्वॉड और ड्रोन से तलाश
लड़की के न मिलने पर मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजीपी (पश्चिमी क्षेत्र) अमित सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था. जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) जितेंद्र कुमार दायमा से पूरी जानकारी ली थी. इसके बाद सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया. ऑपरेशन में वन विभाग, पुलिस और फायर ब्रिगेड के 70 से अधिक जवान लगातार जुटे हुए थे. घने कोहरे और दुर्गम पहाड़ियों के बीच सुराग लगाने के लिए डॉग स्क्वॉड, सामान्य ड्रोन और रात के अंधेरे में देखने वाले थर्मल ड्रोन की मदद ली गई. बाद में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम भी इस खोजबीन में शामिल हुई थी.

