मानसून का मौसम आते ही डेंगू और मलेरिया का खतरा काफी बढ़ जाता है, क्योंकि मच्छर गर्म और नमी वाली जगहों पर पनपते हैं. कंटेनर, गमले, फेंके हुए टायर, कूलर, पानी की टंकियों और कंस्ट्रक्शन साइट पर जमा होने वाला बारिश का पानी मच्छरों के पनपने के लिए अच्छी जगह बन जाता है. डेंगू एक वायरस से होता है जो मुख्य रूप से एडीज मच्छर से फैलता है, जो आमतौर पर दिन में काटता है. दूसरी ओर, मलेरिया प्लास्मोडियम पैरासाइट से होता है और इन्फेक्टेड एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है, ये मच्छर आमतौर पर शाम से सुबह तक सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं.
हेल्थ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि क्लाइमेट चेंज, अनकंट्रोल्ड अर्बनाइजेशन, वॉटर लॉगिंग और वेस्ट मैनेजमेंट की दिक्कतें मच्छरों (जैसे डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छर) के पनपने के मुख्य कारण हैं. इसलिए, इस मौसम में हर परिवार के लिए ये जरूरी बातें जानना जरूरी है. जैसे कि…
हर हफ्ते जमा पानी हटाएं- एडीज जैसे खतरनाक मच्छर, जो डेंगू और चिकनगुनिया फैलाते हैं, बोतल के ढक्कन या बर्तन जितने छोटे पानी में भी पनप सकते हैं. इन मच्छरों के लार्वा को बड़ा होने में सिर्फ 5 से 7 दिन लगते हैं, इसलिए हर हफ्ते जमा पानी को साफ करना सबसे प्रभावी उपाय है. मच्छर बहुत कम मात्रा में जमा पानी में भी पनप सकते हैं. ऐसी स्थिति में, घर के आस-पास उन जगहों की जांच करें जहां पानी जमा हो सकता है, जैसे कि वॉटर कूलर, गमलों की ट्रे, बाल्टियां, पक्षियों के लिए पानी के बर्तन, इस्तेमाल न होने वाले बर्तन, टायर और छत पर पानी जमा होने वाली जगहें, और उनमें से पानी निकाल दें.
पानी जमा करने वाले बर्तनों को ढककर रखें- पानी की टंकियों, ड्रम और पानी जमा करने वाले बर्तनों को कसकर ढककर रखें ताकि मच्छर उनमें अंडे न दे सकें.
बचाव वाले कपड़े पहनें- पूरी आस्तीन वाली शर्ट पहनें, लंबी पतलून (ट्राउजर) चुनें और बाहर जाते समय मोजे पहनें. यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास तौर पर जरूरी है.
मच्छरों से बचाव के ये उपाय अपनाएं
खिड़कियों पर जाली लगाना
मच्छरदानी का इस्तेमाल
मंजूरी-प्राप्त मच्छर भगाने वाली दवाएं (रिपेलेंट्स)
घर के अंदर मच्छर रोकने के उपाय
WHO मच्छरों के काटने से बचने को रोकथाम के सबसे असरदार तरीकों में से एक मानता है.
जल्द ही डॉक्टर से सलाह लें
अगर आपको ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लें, जैसे कि…
तेज बुखार
हेवी सिरदर्द
आंखों के पीछे दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
लगातार उल्टी होना
असामान्य ब्लीडिंग (खून बहना)
ठंड लगना और पसीना आना
जल्दी पता चलने से समय पर इलाज हो पाता है और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है.
डेंगू और मलेरिया के लक्षण को नजरअंदाज न करें
बुखार को नजरअंदाज न करें: कई लोग शुरुआती लक्षणों को मौसमी वायरल इन्फेक्शन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. मॉनसून के मौसम में किसी भी बिना वजह के बुखार की जांच करवानी चाहिए, खासकर उन इलाकों में जहां डेंगू या मलेरिया के मामले सामने आ रहे हों.
दर्द निवारक दवाओं (पेनकिलर्स) से खुद इलाज न करें: विशेषज्ञ डेंगू के शक में कुछ आम दवाओं (बिना डॉक्टर की सलाह के मिलने वाली दवाओं) के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं क्योंकि कुछ दवाएं ब्लीडिंग का खतरा बढ़ा सकती हैं. लगातार बुखार होने पर दवा लेने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें.
घर के आस-पास पानी जमा न होने दें: बोतल के ढक्कन, पौधों की ट्रे या बेकार पड़े बर्तनों में जमा थोड़ा सा पानी भी मच्छरों को पनपने में मदद कर सकता है.
इसलिए इसकी समय समय पर जांच करते रहें
सिर्फ फॉगिंग पर निर्भर न रहें: फॉगिंग से मच्छरों की संख्या कम हो सकती है, लेकिन यह घरों और आस-पड़ोस में छिपे मच्छरों के पनपने की जगह को खत्म नहीं कर सकती है. घर पर बचाव के उपाय करना जरूरी है.
यह न सोचें कि डेंगू मच्छर सिर्फ रात में काटते हैं: मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के उलट, एडीज मच्छर ज्यादातर दिन में, खासकर सुबह और देर दोपहर में एक्टिव रहते हैं.

