बलौदाबाजार :- कहते हैं कि मौत के बाद इंसान कभी वापस नहीं आता, लेकिन बलौदाबाजार जिले के ग्राम सुकली से सामने आई एक घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है। जिस युवक को परिजनों ने मृत समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था, वही युवक तीन दिन बाद अचानक जिंदा वापस लौट आया। उसे सामने देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए और खुशी के आंसू छलक पड़े।

मामला बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड के ग्राम पंचायत सुकली का है। यहां रहने वाला 28 वर्षीय मोतीलाल विश्वकर्मा कुछ समय पहले अचानक लापता हो गया था। बताया जा रहा है कि मोतीलाल की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। उसके लापता होने के बाद परिजनों ने पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसी बीच आसपास के एक गांव में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना सामने आई। परिजनों ने शव की पहचान मोतीलाल के रूप में की और उसे अपना बेटा समझकर अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद परिवार ने सामाजिक रीति-रिवाज भी पूरे किए।लेकिन कहानी में बड़ा मोड़ तब आया, जब धमतरी पुलिस को संबलपुर मोड़ के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के पास एक शख्स मिला। उसके पास मौजूद वोटर आईडी कार्ड के आधार पर उसकी पहचान 28 वर्षीय मोतीलाल विश्वकर्मा के रूप में हुई।
इसके बाद धमतरी पुलिस ने मोतीलाल के पते के आधार पर गिधौरी चौकी पुलिस से संपर्क किया और उसे उसके गांव तक पहुंचाया। तीन दिन पहले जिस युवक को परिवार मृत समझकर अंतिम विदाई दे चुका था, उसे जिंदा सामने देखकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।हालांकि, मोतीलाल के जिंदा मिलने के बाद इस पूरे मामले का एक और पहलू सामने आया। जिस अज्ञात शव की पहचान परिजनों ने मोतीलाल के रूप में की थी, वह आखिर किसका था?
पुलिस की जांच में अब इस सवाल का जवाब मिल गया है। अज्ञात शव की पहचान आसनींद गांव निवासी बहुर सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बहुर सिंह 23 जुलाई से लापता थे।एक तरफ मोतीलाल के जिंदा मिलने से उसके परिवार में खुशी लौट आई है, वहीं दूसरी तरफ अज्ञात शव की गलत पहचान ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। फिलहाल, सुकली गांव में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और शव की पहचान को लेकर हुई चूक पर भी सवाल उठ रहे हैं।

