पुणे:- महाराष्ट्र में पुणे के रहने वाले 26 साल के रियल स्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत की जांच को लेकर नए-नए सुराग मिल रहे हैं. 18 जून को लोहागढ़ में एक खाई में गिरे केतन की मौत के मामले की जांच में एक चश्मदीद गवाह का कथित बयान अहम सुराग बनकर सामने आया है.
चश्मदीद ने बताया किसने केतन को किले से खाई में धकेला
चश्मदीद गवाह का दावा है कि उसने तीन आरोपियों में से एक चेतन चौधरी को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से खाई में धकेलते हुए देखा था. खबरों के मुताबिक पुलिस ने लगभग 12 टीबी डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया है, जो मामले की जांच में अहम साबित हो रहे हैं.
चश्मदीद का पुलिस के सामने खुलासा
खास बात यह है कि जब चश्मदीद ने घटना के बारे में सवाल किया तो उसे कथित तौर पर चुप रहने और किले से नीचे फेंकने की धमकी दी गई. मिली जानकारी के मुताबिक चश्मदीद ने 23 जून को पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया. चश्मदीद ने अपने बयान में बताया कि उसने केतन और सिया को किले पर चढ़ते समय एक साथ देखा था. वहीं चेतन उन दोनों के पीछे-पीछे चल रहा था.
चश्मदीद ने बताया सिया गोयल ने लात मारी और चेतन ने केतन को खाई में धकेला
चश्मदीद गवाह ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि गर्मी होने के बावजूद चेतन ने हुडी पहनी हुई थी. चश्मदीद ने उससे पूछा भी था कि इतनी गर्मी में उसने हुडी क्यों पहनी हुई है. बताया जाता है कि उसने पुलिस को बताया कि इस बातचीत की वजह से उसे चेतन का चेहरा याद आ गया. कुछ देर बाद जब वे किले में और आगे बढ़े तो चश्मदीद फिर से दिखाई दिया. उसी समय केतन की मंगेतर सिया ने चेतन की तरफ इशारा किया और फिर बैठ गई. चश्मदीद के मुताबिक सिया ने केतन के पैर पर लात मारी. उसी समय चेतन चौधरी पीछे से दौड़ा और केतन अग्रवाल को घाटी की ओर धकेल दिया.
पुलिस मामले की कर रही जांच
पुलिस अभी इस दावे को दूसरे सबूतों से सत्यापित कर रही है. दूसरी तरफ घटना देखने के बाद चश्मदीद ने चेतन से इस बारे में पूछताछ की. उसने दावा किया कि घटना के समय उसे धमकी दी गई थी. शुरू में डरे हुए चश्मदीद ने यह जानकारी अपने दोस्तों को भी नहीं दी. घर लौटने के बाद उसकी (चश्मदीद) तबीयत खराब होने की वजह से वह कुछ दिनों तक घर के अंदर ही रहा. हालांकि रिपोर्ट से पता चलता है कि घटना की जानकारी मीडिया में आने के बाद चश्मदीद ने पुलिस से संपर्क किया.
पुलिस 12 टीबी डेटा का विश्लेषण किया
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने करीब 12 टीबी तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया है. इसमें छह मोबाइल फोन, 9 पेन ड्राइव, बैकअप, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट से निकाली गई जानकारी शामिल है. जांचकर्ता फोरेंसिक विश्लेषण के जरिए रिकवर किए गए चैट और अन्य डेटा की भी जांच कर रहे हैं. पुलिस सूत्रों के मतुाबिक कुछ डिजिटल जानकारी डिलीट करने की कोशिश की गई थी. हालांकि बाद में डेटा के कुछ हिस्से रिकवर कर लिए गए.
डिलीट हो चुके कुछ डेटा हुए रिकवर, सिया ने दूसरा मोबाइल फोन तोड़ा
जांच एजेंसी कथित तौर पर कुछ डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में भी सफल रही है. जांच से पता चलता है कि आई फोन से डेटा को हमेशा के लिए कैसे डिलीट किया जाए, चैट हिस्ट्री कैसे मिटाई जाए और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर न किया जा सके, यह पक्का करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं, इस बारे में इंटरनेट पर सर्च किए गए थे. इंस्टाग्राम, वाट्सएप, स्नैपचैट और चैटजीपीटी समेत अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गतिविधियों को भी सत्यापित किया गया है.

