रायपुर :- छत्तीसगढ़ में यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर गठित जस्टिस रंजना देसाई की समिति की पहली बैठक 24 जुलाई को हो रही है. उत्तराखंड, असम और मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता बिल पास हो जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी इसकी प्रक्रिया जारी हैं. इसी को लेकर के छत्तीसगढ़ में गठित जस्टिस रंजना देसाई कमेटी ने समिति के कामकाज को नया रूप देकर प्रक्रिया को शुरू किया है.
शीतकालीन सत्र में सरकार लाएगी बिल
UCC को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि अगर सब कुछ ठीक रहा और प्रारूप ठोस प्रगति के साथ आगे बढ़ा और सभी चीजें ठीक ढंग से रही तो दिसंबर के शीतकालीन सत्र में हम इस बिल को पेश करने की पूरी कोशिश करेंगे.
बैठक के आधार पर जो रिपोर्ट बनेगी उस पर होगी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में होने वाली यूनिफॉर्म सिविल कोड समिति की पहली बैठक को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति पूरे राज्य के सामाजिक आर्थिक हालात का सर्वे करेगी. उसके बाद जो भी रिपोर्ट बनेगी उसे आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि काम शुरू हुआ है.जिसकी 24 जुलाई को पहली बैठक है. जिस तरीके से काम की प्रक्रिया शुरू हुई है अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो दिसंबर के महीने में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में हम यूनिफॉर्म सिविल कोड को पास करने की पूरी कोशिश करेंगे.
यूसीसी बिल को लेकर कब क्या हुआ
आपको बता दें कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए राज्य सरकार ने 15 अप्रैल 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में अपना प्राथमिक स्वरूप तैयार किया था. इसमें इस बात को कैबिनेट ने सर्वसम्मति से पारित किया कि छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होना चाहिए. कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसके लिए समिति के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई थी.
26 जून को जारी हुआ था नोटिफिकेशन
वहीं 26 जून 2026 को राज्य सरकार की हुई दूसरी कैबिनेट की बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था.छतीसगढ़ में UCC लागू होगा इसे लेकर छत्तीसगढ़ में काम शुरू हो गया है. इसके लिए रंजना देशाई के नेतृत्व में गठित टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है. 26 जून से इस टीम को काम करने की मंजूरी दे गई थी.
समिति में कौन-कौन हैं शामिल
यूसीसी का ड्राफ्ट (प्रारूप) तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है. समिति में मूल 5 लोगों को रखा गया है. न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई इसकी अध्यक्ष है. UCC में इनके अलावा रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और रिटायर्ड प्राचार्य ज्योति रानी सिंह को सदस्य बनाया गया है.
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का अधिकार है. न्याय प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना आवश्यक माना जा रहा है. इससे धार्मिक और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा.इसलिए छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड बनाने का फैसला लिया गया.
इसके लिए बनाई गई समिति लोगों से राय लेकर यूनिफॉर्म सिविल कोड ड्राफ्ट तैयार करेगी.इसी ड्राफ्ट के आधार पर सरकार विधानसभा में बिल लाकर इसे पास कराएगी. आपको बता दें कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के लागू होने से नागरिकों के लिए एक नई संहिता बन जाएगी. बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड का जिक्र किया गया था,जिस पर अब काम शुरु हो गया है.

