महासमुंद :- 12वीं बोर्ड के दौरान परीक्षा केंद्र में छात्रा के कैमरा लेकर आने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। DEO की जांच रिपोर्ट के आधार पर DPI ने तीन व्याख्याता, एक सहायक शिक्षक व भृत्य सहित 5 लोगों को सस्पेंड कर दिया है। मामला महासमुंद जिले का है, जहां हायर सेकेंडरी परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031 में परीक्षार्थियों की ठीक से जांच नहीं किए जाने के कारण एक छात्रा डिजिटल कैमरा लेकर परीक्षा कक्ष में पहुंच गई। परीक्षा के दौरान वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग की छवि धूमिल हुई। मामले में केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षक समेत पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
महासमुंद जिले में बोर्ड परीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। DPI ने परीक्षा केंद्र में सुरक्षा और जांच व्यवस्था में भारी चूक मानते हुए पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। मामला स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिन्दी माध्यम विद्यालय भंवरपुर स्थित हायर सेकेंडरी परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031 का है।
जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों की प्रवेश से पहले ठीक ढंग से जांच नहीं की गई। इसी का फायदा उठाकर एक छात्रा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस यानी डिजिटल कैमरा लेकर परीक्षा कक्ष में पहुंच गई। छात्रा ने परीक्षा के दौरान वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
वायरल वीडियो और शिकायतों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह पाया गया कि परीक्षा केंद्र में नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन मानते हुए कदाचार की श्रेणी में रखा है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित कर्मचारियों में गंगा प्रसाद पटेल, अनिरुद्ध भोई, दिनेश कुमार दास, दुर्गाप्रसाद पटेल और विजिया बुडेक शामिल हैं। इनमें केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और अन्य जिम्मेदार कर्मचारी शामिल थे।
विभागीय आदेश में कहा गया है कि परीक्षा केंद्र में नियुक्त कर्मचारियों की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होती है। परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का परीक्षा कक्ष तक पहुंच जाना गंभीर सुरक्षा चूक माना गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस घटना से विभाग की छवि धूमिल हुई है और परीक्षा की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए सभी पांचों कर्मचारियों को निलंबित किया है। निलंबन अवधि के दौरान सभी कर्मचारियों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद निर्धारित किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

