कांकेर:- खाने को लेकर हुए मामूली विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया. कांकेर जिले के मर्दापोटी गांव में अपनी ही मां की हत्या करने वाले कलयुगी बेटे को प्रधान सत्र न्यायाधीश, कांकेर की अदालत ने आजीवन कारावास और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
चिकन और खाना नहीं बनाने पर विवाद के मां पर हमला
मामला कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मर्दापोटी निवासी अनूराम सलाम (21) ने 1 सितंबर 2025 को शराब के नशे में अपनी मां दोपति सलाम (लगभग 45 वर्ष) से मुर्गा और खाना नहीं बनाने की बात को लेकर विवाद किया. विवाद बढ़ने पर उसने घर में रखे लट्ठ से मां के सिर पर वार किया और बाद में गर्दन मरोड़कर उसकी हत्या कर दी.
हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. उसने शव को साड़ी के फंदे से लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या लगे. इसके बाद वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ आवास पारा स्थित दिनेश सलाम के घर चला गया. शाम को लौटने के बाद भी उसने किसी को घटना की जानकारी नहीं दी.
पिछले साल से जेल में बंद था आरोपी बेटा
पुलिस जांच के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. मामले में पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर 5 सितंबर 2025 को उसे गिरफ्तार किया था. तब से वह न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद था.
मां के हत्यारे को आजीवन कारावास
मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अधिवक्ता ईश्वरलाल साहू ने पैरवी की. गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अनूराम सलाम को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई.

