बिलासपुर:- बेलगहना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पिता और भाई ने मिलकर अपने ही घर के चिराग को बुझा दिया और मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। ग्राम रतखंडी में 23 वर्षीय गौरीशंकर पटेल की संदिग्ध मौत के बाद, उसके पिता ने पुलिस को गुमराह करने के लिए जहर सेवन की झूठी कहानी रची। लेकिन बेलगहना पुलिस और फॉरेंसिक टीम की मुस्तैदी ने इस अंधी हत्या की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों में सुलझा लिया। पुलिस ने आरोपी पिता, भाई और एक अपचारी बालक को गिरफ्तार सलाखों के पीछे भेज दिया है।
आइए देखते हैं इस पूरी वारदात पर हमारी यह विशेष रिपोर्ट
यह पूरी घटना बेलगहना चौकी क्षेत्र के ग्राम रतखंडी की है, जहां 19 और 20 मई की दरम्यानी रात गौरीशंकर पटेल नाम के युवक की मौत हो गई। मृतक के पिता उमेन्द सिंह पटेल ने खुद थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। मौके पर कीटनाशक की शीशी भी रखी गई थी ताकि पुलिस इसे आत्महत्या मान ले। लेकिन जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो शव की स्थिति और शरीर पर मौजूद चोट के निशानों ने संदेह पैदा कर दिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत फॉरेंसिक टीम बुलाई गई, जिसके वैज्ञानिक साक्ष्यों ने पिता के दावों की हवा निकाल दी।
फॉरेंसिक जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने जब परिजनों से कड़ाई से पूछताछ की तो सारा सच बाहर आ गया। आरोपियों ने कबूल किया कि गौरीशंकर शराब का आदी था और रोज घर में मारपीट करता था। घटना की रात भी उसने भारी नशे में विवाद किया, जिससे गुस्साए पिता उमेन्द सिंह, छोटे भाई शिवशंकर और एक अपचारी बालक ने मिलकर उसकी जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद रस्सी से उसके हाथ-पैर बांधे गए और मुंह दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। साक्ष्य छिपाने के लिए उन्होंने मुंह में कीटनाशक डाल दिया था। फिलहाल बेलगहना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1) के अलावा कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

