बलौदाबाजार:- अगर आपके मोबाइल पर किसी शादी का डिजिटल निमंत्रण आता है तो उसे खोलने से पहले एक बार जरूर जांच लें. आजकल साइबर अपराधियों ने ठगी का ऐसा नया तरीका अपनाया है, जिसमें शादी के कार्ड के नाम पर लोगों के मोबाइल फोन हैक किए जा रहे हैं.एक छोटी सी गलती आपकी मेहनत की कमाई को मिनटों में गायब कर सकती है. साइबर अपराधी अब लोगों की भावनाओं और रिश्तों का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं.
पहले जहां फर्जी लिंक और लॉटरी के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जाता था, वहीं अब शादी के निमंत्रण पत्र को साइबर फ्रॉड का हथियार बनाया जा रहा है. ASP अभिषेक सिंह ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड न करने की अपील की है.
ऐसे शुरू होती है ठगी
साइबर अपराधी व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक मैसेंजर या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को एक संदेश भेजते हैं. संदेश में लिखा होता है कि उनकी शादी है और निमंत्रण पत्र देखने के लिए साथ भेजी गई फाइल या लिंक को खोलें. अक्सर यह संदेश किसी अनजान नंबर से आता है, लेकिन कई बार हैक किए गए परिचित लोगों के नंबर से भी भेजा जाता है. यही कारण है कि कई लोग इसे असली समझकर फाइल डाउनलोड कर लेते हैं.
कार्ड नहीं, वायरस होता है
संदेश के साथ जो फाइल भेजी जाती है, वह सामान्य पीडीएफ या फोटो नहीं होती. उसके नाम के अंत में “.apk” लिखा होता है. उदाहरण के लिए WeddingCard.apk, MarriageInvitation.apk या DigitalCard.apk जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करके इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल में एक खतरनाक मैलवेयर सक्रिय हो जाता है. यह मैलवेयर चुपचाप फोन की महत्वपूर्ण जानकारी चुराना शुरू कर देता है.
कैसे खाली होता है बैंक खाता
मैलवेयर इंस्टॉल होने के बाद साइबर अपराधियों को मोबाइल के कई फीचर्स तक पहुंच मिल जाती है. वे एसएमएस पढ़ सकते हैं, बैंक से आने वाले ओटीपी देख सकते हैं और कई मामलों में मोबाइल स्क्रीन तक की निगरानी कर सकते हैं. यदि मोबाइल में इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई या अन्य वित्तीय एप्लिकेशन मौजूद हैं तो अपराधी उनका दुरुपयोग कर खाते से रकम निकाल सकते हैं. कई मामलों में पीड़ित को तब पता चलता है जब उसके खाते से पैसे कटने के संदेश आने लगते हैं.
असली और नकली कार्ड में अंतर समझें
ASP अभिषेक सिंह के मुताबिक अधिकांश डिजिटल शादी कार्ड पीडीएफ, जेपीईजी, पीएनजी या वीडियो फॉर्मेट में भेजे जाते हैं. यदि किसी फाइल के नाम के अंत में “.apk” लिखा दिखाई दे तो उसे तुरंत डिलीट कर देना चाहिए. एपीके फाइल वास्तव में एंड्रॉयड एप्लिकेशन इंस्टॉल करने वाली फाइल होती है, न कि कोई शादी का कार्ड.
परिचित नंबर से आए तो भी सतर्क रहें
साइबर अपराधियों का सबसे खतरनाक तरीका यही है कि वे पहले किसी व्यक्ति का फोन या व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लेते हैं. इसके बाद उसी नंबर से उसके रिश्तेदारों और दोस्तों को फर्जी कार्ड भेजते हैं. ऐसी स्थिति में लोग बिना सोचे-समझे फाइल खोल लेते हैं क्योंकि संदेश किसी परिचित व्यक्ति की ओर से आया होता है. इसलिए किसी भी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड करने से पहले संबंधित व्यक्ति को फोन कर पुष्टि करना जरूरी है.
खुद को ऐसे रखें सुरक्षित
साइबर सेल सुरक्षा जानकार विनोद सिंह का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक करने से बचना चाहिए. मोबाइल की सेटिंग में “Install Unknown Apps” या “Unknown Sources” विकल्प को हमेशा बंद रखना चाहिए. यदि किसी फाइल का फॉर्मेट समझ नहीं आ रहा है तो उसे डाउनलोड करने के बजाय पहले जांच करें. मोबाइल में समय-समय पर सुरक्षा अपडेट भी इंस्टॉल करते रहें.
गलती से डाउनलोड हो जाए तो क्या करें
यदि किसी व्यक्ति ने गलती से ऐसी एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल कर ली है तो उसे तुरंत मोबाइल का इंटरनेट बंद कर देना चाहिए. इसके बाद बैंक से संपर्क कर खाते की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. पुलिस ने सलाह दी है कि संदिग्ध ऐप को हटाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर मोबाइल को फैक्ट्री रीसेट भी किया जाए. इससे मैलवेयर के प्रभाव को समाप्त किया जा सकता है.

