नई दिल्ली:- देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन लगातार जारी है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे देशभर में युवा छात्र सड़कों पर हैं। प्रदर्शन के बीच अब एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के पद पर बड़ा बदलाव किया है। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को जिम्मेदारी दी गई है।एक्ज़िक्यूटिव ब्रांच
सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के सचिव को हटाया
केंद्र सरकार ने देर रात ये नोटिस जारी किया है। सरकार ने जारी नोटिस में बताया कि उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया है और उनकी जगह पर नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। जो इससे पहले पशुपालन और डेयरी विभाग की जिम्मेदारी संभालते थे।
कौन हैं नरेश पाल गंगवार
नरेश पाल गंगवार 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं। फिलहाल वे पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव हैं। 1993 में उन्होंने UPSC परीक्षा पास की थी। 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS ऑफिसर, हायर एजुकेशन पोर्टफोलियो सौंपे जाने से पहले एनिमल हसबैंड्री और डेयरी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे थे। विनीत जोशी, 1992 बैच के मणिपुर कैडर के IAS ऑफिसर, 31 जुलाई को मौजूदा सेक्रेटरी विवेक भारद्वाज के रिटायर होने के बाद पंचायती राज मंत्रालय के सेक्रेटरी का पद संभालेंगे।
पेपर लीक की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
आपको बता दें कि पीएम मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामले में बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला लिया है।पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि ‘हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों और अधिकारियों को इस बारे में सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमारे कदमों की सीरीज जारी है.जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

