मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर:- मनेंद्रगढ़ में पीलिया (जॉन्डिस) के बढ़ते मामलों ने अब गंभीर रूप ले लिया है. लगभग 35 हजार की आबादी वाले इस शहर में दूषित पानी की सप्लाई लोगों की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ कर रही है. हालात इतने खराब हैं कि बीते तीन महीनों में करीब 40 पीलिया के मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि सिर्फ 1 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच ही 19 नए मरीज अस्पताल पहुंचे हैं. इनमें से 8 मरीज अभी भी भर्ती हैं. सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इन मरीजों में बड़ी संख्या मासूम बच्चों की है. विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान पीलिया फैलने के प्रमुख कारण हैं, लेकिन शहर में इन दोनों पर ही नियंत्रण नहीं दिख रहा.
दूषित पानी बना बीमारी की जड़
शहर में नगर पालिका द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी अब लोगों के लिए खतरा बन चुका है. आरोप है कि पानी को ठीक से फिल्टर नहीं किया जा रहा, जिससे गंदा पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा है और पीलिया का प्रकोप बढ़ रहा है.
कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि ट्रिपल इंजन सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. मनेंद्रगढ़ में दूषित पानी के कारण पीलिया फैल रहा है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह लापरवाह है.
उबला पानी और गर्म भोजन खाने की सलाह
220 बिस्तर अस्पताल के अधीक्षक स्वपिनिल तिवारी ने बताया कि पिछले तीन महीनों में 40 मरीज सामने आए हैं और वर्तमान में 19 मरीजों में से 8 का इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि पीलिया एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है. लोगों को उबला हुआ पानी पीने, घर का ताजा भोजन खाने और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी गई है. साथ ही मितानिनों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है.

