धमतरी:- कुरुद में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने कथित भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले की जांच के सिलसिले में भूपेंद्र चंद्राकार के निवास पर दबिश दी. तीन गाड़ियों में सवार होकर आए अधिकारी सीधे घर के भीतर घुसे और जांच में जुट गए. मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. यह कार्रवाई रायपुर और अभनपुर के बाद अब धमतरी तक पहुंची.
वर्दीधारी जवानों की तैनाती के बीच घर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है, जहां किसी भी व्यक्ति के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है. बताया जा रहा है कि घर को अंदर से बंद कर लिया गया है ताकि जांच प्रक्रिया के दौरान कोई बाहरी हस्तक्षेप न हो सके.
अजय चंद्राकर के भाई के घर रेड
भूपेंद्र चंद्राकार को पूर्व मंत्री अजय चंद्राकार का चचेरा भाई बताया जा रहा है, जिससे इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है.
भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा वितरण में घोटाला
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभनपुर समेत कई तहसीलों में मुआवजा वितरण के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है. इसमें आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के करीबियों को नियमों को दरकिनार कर अनुचित लाभ पहुंचाया गया. जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव और मगरलोड जैसी तहसीलों में भी इस कथित घोटाले की कड़ियां जुड़ी हुई हैं.
बताया जा रहा है कि संबंधित मामले में दस्तावेजों के साथ विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. ईडी की टीम मौके पर दस्तावेजों की जांच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है.

