कवर्धा:- छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, यहां अचानक आज स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया। साथ ही चल रहे अर्धवार्षिक परीक्षा को भी आनन-फानन में रद्द कर दिया गया है। इस संबंध में अचानक आदेश जारी कर दिया है।
जानिए किस वजह से लिया गया फैसला
दरअसल, यहां 23 सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन हो रहा है। बड़े संख्या में यहां किसान आंदोलन कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ के बैनर तले जिलेभर के हजारों किसान बलराम किसान न्याय यात्रा के नाम से विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर जिला मुख्यालय को चारों तरफ से घेर लिया है। जिसके चलते आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई है। अब इसका असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। स्कूली वाहनों की आवाजाही बंद होने की वजह से सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। साथ ही परीक्षाएं भी रद्द होने की जानकारी सामने आई है। वहीं सड़क जाम होने से जरूरी कामों के लिए निकलने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
23 मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन
आपको बता दें कि अपने 23 सूत्रीय मांगों को लेकर कवर्धा में किसानों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन जारी है। भारतीय किसान संघ के बैनर तले जिलेभर के हजारों किसान बलराम किसान न्याय यात्रा के नाम से विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर जिला मुख्यालय को चारों तरफ से घेर लिया है। जिसके चलते आवागमन पूरी तरह ठप्प पड़ गई है।
क्या है किसानों की मांगें
किसानों का कहना है कि गन्ने के दाम और बोनस से लेकर धान भुगतान, सिंचाई परियोजनाओं और मुआवजे तक उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। किसान गन्ने पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, बागवानी फसलों को कृषक उन्नति योजना में शामिल करने, दोनों शक्कर कारखानों का क्षमता विस्तार और गन्ने का त्वरित भुगतान चाहते हैं।
इसके साथ ही अधूरी नहर और जलाशय परियोजनाएं पूरी करने, लंबित भू-अर्जन मुआवजा देने और टूटे बांध-नहरों की मरम्मत की मांग भी उठाई जाएगी। किसानों ने साफ कहा है कि मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा।क्यों हजारों किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था के साथ प्रदर्शन में किसान शामिल हुए हैं।

