सूरजपुर :- सूरजपुर में मां की ममता की दूसरी तस्वीर सामने आई है. जहां एक ओर मां अपने बच्चे को कलेजे का टुकड़ा मानती है, वहीं दूसरी ओर रामानुजनगर के सरकारी अस्पताल में एक नवजात बिना मां के लावारिस हालत में पड़ा मिला. सुबह हुई तो अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों ने अस्पताल के पालने में नवजात को देखा. पहले तो लगा कि नवजात की मां आसपास ही होगी,लेकिन जब काफी देर तक कोई नहीं आया तो कर्मचारियों को समझ में आ गया कि किसी ने जानबूझकर बच्चे को अस्पताल के पालने में छोड़ा है.
अज्ञात महिला ने अस्पताल में छोड़ा नवजात
आसपास जब पता किया गया तो लोगों ने बताया कि एक अज्ञात महिला देर रात बच्चे को लेकर अस्पताल आई थी. इसके बाद उसने बच्चे को पालने में रख दिया. लोगों को यही लगा कि अस्पताल की किसी प्रसूता का ही ये बच्चा होगा. अगली सुबह बच्चा पालने में तो था, लेकिन उसे लेकर आई महिला आसपास नहीं थी.अस्पताल कर्मियों ने इसके बाद बच्चे की जानकारी प्रबंधन को दी और जिला बाल संरक्षण ईकाई मौके पर पहुंची.
जिला बाल संरक्षण ईकाई के जिम्मे नवजात
अस्पताल में लावारिस नवजात होने की जानकारी पर जिला बाल संरक्षण ईकाई की टीम मौके पर पहुंची और नवजात शिशु को अपने संरक्षण में लिया. प्राथमिक जांच के बाद बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल के लिए जिला अस्पताल में ही भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की टीम अपनी निगरानी में नवजात की जांच कर रही है. डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल नवजात पूरी तरह स्वस्थ है.वहीं जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी मनोज जायसवाल ने बताया कि नवजात शिशु सुरक्षित है और उसकी पूरी देखभाल की जा रही है.

