नारायणपुर:- कांकेर और नारायणपुर के लोगों को पिछले 79 सालों से ट्रेन के रावघाट पहुंचने का इंतजार था. करीब 8 दशक तक चला ये लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हुआ और रायपुर से चली ट्रेन रावघाट पहुंच चुकी है. सीएम विष्णु देव साय ने पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
सीएम ने दिखाई ट्रेन को हरी झंडी
ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के वक्त केंद्रीय रेल मंत्री अश्निनी वैष्णव भी वर्चुअली मौजूद रहे. रावघाट पहुंचने पर ग्रामीणों ने ट्रेन और उसमें बैठकर आए मुसाफिरों का जोरदार स्वागत किया. फूलों से लदी ट्रेन जैसे ही रावघाट रेलवे स्टेशन पर पहुंची लोगों ने तालियां बजाकर इस ऐतिसाहिक पल का स्वागत किया.
79 सालों का इंतजार खत्म
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हुए वर्चुअली शामिल
स्थानीय लोगों ने बताया कि दशकों से वो इस रेल सुविधा के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे. ये इंतजार उनके के लिए महज एक परिवहन सुविधा की शुरुआत नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, व्यापार और विकास की नई उम्मीदों का आगाज है. नारायणपुर जिले की अंतिम सीमा से लगे ग्राम सरंगीपाल स्थित नवनिर्मित रेलवे स्टेशन को इस खास अवसर के लिए आकर्षक ढंग से सजाया गया. स्टेशन परिसर में उत्सव जैसा माहौल था. पैसेंजर ट्रेन की बोगियों को गेंदे के फूलों से सजाया गया था.फूलों से सजी ट्रेन को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो वह अपने साथ इस क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी उम्मीदों को लेकर एक नई यात्रा शुरू करने के लिए तैयार खड़ी है.
रेलवे स्टेशन पर उत्सव जैसा माहौल
रावघाट के लोग बताते हैं कि उन्होने अपने बड़े-बुजुर्गों से सुना था किया यहां पर ट्रेन सेवा शुरू होगी. गांव वाले बताते हैं आज उनका सपना सच हुआ है. अब वो ट्रेन में सवार होकर यहां से रायपुर आसानी से जा सकें. स्थानीय युवाओं ने ट्रेन की बोगी में चढ़कर ट्रेन को देखा और अपनी खुशी का इजहार भी किया. ग्रामीणों ने बताया कि बहुत कम कीमत पर अब वो आसानी से रायपुर जा सकेंगे. बड़ी संख्या में युवा काम की तलाश में यहां से रायपुर जाते हैं. उनको आने जाने में पहले बहुत ज्यादा किराया देना पड़ता था, जिससे अब उनको निजात मिलेगी. ट्रेन का सबसे ज्यादा फायदा छोटे कारोबारियों और छात्रों को होगी.
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
कम समय, कम किराया और बेहतर कनेक्टिविटी की बदौलत अब कांकेर और बस्तर संभाग आर्थिक पक्ष तेजी से बदलेगा. किसान अपनी फसलों को आसानी से रायपुर के बाजार और मंडियों तक पहुंचा सकेंगे. ट्रेन की सुविधा शुरू होने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. दशकों तक नक्सलवाद की वजह से बस्तर में रेल लाइन का विस्तार नहीं हो पाया. अब जब नक्सलवाद खत्म हो गया है. रेल नेटवर्क तेजी से आगे बढ़ेगा ऐसा बस्तर के लोगों को विश्वास है. रेल नेटवर्क बढ़ने से जरूरी सामानों का आवागमन आसानी से होगा और दैनिक जरूरत सहित दवाओं की पहुंच भी तेजी से ग्रामीण इलाकों में बढ़ेगी. कृषि उपकरण खरीदने के लिए रायपुर जाने वाले किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी. किसान कम समय में रायपुर पहुंच जाएंगे और सामान खरीदकर वापस लौट भी सकेंगे. पहले किसानों को एक से दो दिन का वक्त रायपुर जाकर खरीदारी में लग जाता था.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि रेलवे स्टेशन के शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और छोटे व्यापारियों को भी नए अवसर मिलेंगे. यदि रेल संपर्क के साथ सड़क, बाजार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास भी समानांतर रूप से होता है, तो इसका लाभ दूरस्थ गांवों तक पहुंच सकता है. कांकेर सांसद भोजराज नाग और अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी ने इस रेल परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया.
खत्म हुआ 79 सालों का इंतजार
जनप्रतिनिधियों का मानना है कि रेल संपर्क से कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र और नारायणपुर जिले की सीमा से लगे इलाकों को बड़े शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी. इससे स्थानीय नागरिकों को आवागमन की सुविधा मिलने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी नए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं.

