रायपुर : छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश से तापमान में 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में रविवार सुबह से ही बादल छाए हुए है। कई जिलों में हल्की बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवा के कारण मौसम में ये बदलाव आया है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में रोज मौसम में हो रहा बदलाव
बता दें कि प्रदेश में महीनें भर मौसम में अलग-अलग बदलाव देखने को मिला। अप्रैल महीने के ज्यादातर दिनों में लोगों को गर्मी का अहसास नहीं हुआ। ठंडी हवाओं की वजह से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश का तापमान अब सामान्य से 8 डिग्री तक कम हो गया है। बदलते मौसम से लोग राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि, जहां-जहां अंधड़ या वज्रपात का खतरा है। वहां लोगों को सतर्क रहने कहा जा रहा है।
अस्थमा के रोगी रखें सेहत का विशेष ख्याल
मौसम में परिवर्तन के कारण श्वसन रोग से पीड़ित मरीजों की परेशानियां बढ़ गई है। ऐसे में जिन लोगों को पहले से अस्थमा है, उन्हें ज्यादा तकलीफ होती है। कई बार लोग गर्मी में अस्थमा की दवाई खाना बंद कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। डाक्टर की सलाह के बिना कभी भी कोई दवाइयां बंद नहीं करनी चाहिए।
श्वसन रोग विशेषज्ञ का कहना है कि अस्थमा की शुरुआत आमतौर पर किसी एलर्जी से होती है। अस्थमा में सांस की नली में एलर्जी के कारण सूजन आने से सामान्य रूप से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। सांस लेते समय घरघराहट की आवाज भी सुनाई देती है। पहले यह समस्या वयस्कों में ही देखी जाती थी, लेकिन बढ़ते प्रदूषण और बिगड़े खान-पान ने अब बच्चों को भी शिकार बनाना शुरू कर दिया है।
ये लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें
रात में खांसी अधिक आना, ज्यादा चलने पर थक जाना, सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस फूलना, छोटा-मोटा काम करते ही तेज सांस लेने की जरूरत पड़ना आदि इसके शुरुआती लक्षण हैं। यदि ऐसे कोई भी लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत विशेषज्ञ की सलाह से इलाज शुरू करवा लेना चाहिए।

