नई दिल्ली:- हस्तमैथुन… से शब्द सुनते ही कुछ लोग नाक सिकोड़ने लगते हैं तो कुछ इसके बारे में बात करने से मुंह फेर लेते हैं, जबकि देश के नामी डॉक्टरों की मानें तो ये एक आम क्रिया है। इसको लेकर कई समाज में कई तरह की गलत धारणाएं भी मौजूद है। लेकिन दूसरी ओर वैज्ञानिकों ने हस्तमैथुन को लेकर शोध के बाद ऐसा दावा किया है कि आप भी जानकर हैरान रह जाएंगे। शोध के बाद वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि हस्तमैथुन ना सिर्फ इंसानों में बल्कि पक्षियों में भी आम बात है। हैरानी की बात तो ये है कि 55 प्रतिशत नर पक्षियों और 36 प्रतिशत मादा पक्षियों में ये व्यवहार देखा गया है। बता दें कि इससे पहले डॉल्फिन, चिंपैंजी, पेंगुइन और समुद्री इगुआना के हस्तमैथुन करने की पुष्टि हुई है।
पक्षी भी करते हैं हस्तमैथुन
यूनिवर्सिटी ऑफ लैंकाशायर की विकासवादी पारिस्थितिकीविद् डॉ. क्लोई हेयस की अध्ययन जर्नल Ecology and Evolution के अनुसार पक्षियों में भी हस्तमैथुन न केवल सामान्य है, बल्कि यह उनके प्राकृतिक यौन व्यवहार का हिस्सा है। अध्ययन में पाया गया कि यह व्यवहार केवल नर पक्षियों तक सीमित नहीं है। मादा पक्षियों में भी हस्तमैथुन के उदाहरण बड़ी संख्या में मिले हैं। शोधकर्ताओं ने पहले से किए गए शोध, पक्षी पालकों, प्रजनकों और ऑनलाइन कम्यूनिटी से प्राप्त जानकारियों का विश्लेषण किया। अध्ययन के अनुसार दर्ज मामलों में लगभग 55 प्रतिशत नर पक्षियों और 36 प्रतिशत मादा पक्षियों में यह व्यवहार देखा गया।
ये एक प्राकृतिक क्रिया है: डॉ. क्लोई हेयस
पक्षियों के हस्तमैथुन को लेकर वैज्ञानिकों का मानना था कि कैद में रहने वाले या जिन पक्षियों को उनके माता—पिता ने नहीं पाला है उनके ज्यादा देखने को मिल सकती है, लेकिन शोध के बाद पता चला कि ये धारणा बिल्कुल गलत है। वहीं, तोते जैसे पालतू पक्षियों में हस्तमैथुन कैद, अकेलेपन या तनाव का परिणाम होता है, ये धारणा भी गलत साबित हुई। डॉ. क्लोई हेयस के अनुसार, हस्तमैथुन पक्षियों के यौन व्यवहार का एक पूरी तरह प्राकृतिक और स्वस्थ हिस्सा है। इसे किसी मानसिक तनाव या असामान्य स्थिति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
उम्र का नहीं पड़ता कोई फर्क
शोध में एक और दिलचस्प तथ्य सामने आया। किशोर (जुवेनाइल) पक्षियों में भी यह व्यवहार लगभग उतनी ही बार देखा गया जितना वयस्क पक्षियों में। इससे स्पष्ट होता है कि यह केवल यौन परिपक्वता से जुड़ा व्यवहार नहीं है। शोधकर्ताओं का कहना है कि युवा पक्षी किसी भ्रम या तनाव के कारण ऐसा नहीं करते, बल्कि यह उनकी प्राकृतिक जैविक गतिविधियों का हिस्सा है। आमतौर पर माना जाता है कि तनाव बढ़ने पर हस्तमैथुन की संभावना बढ़ती है और इसलिए कैद में रहने वाले पक्षियों में यह अधिक होना चाहिए। लेकिन अध्ययन के नतीजे इसके उलट निकले। शोध में पाया गया कि जंगली पक्षियों में यह व्यवहार कैद में रहने वाले पक्षियों की तुलना में अधिक देखा गया। तोते, टर्की और मुर्गियों सहित कई प्रजातियों में यह गतिविधि उनके प्राकृतिक आवास में ज्यादा सामान्य पाई गई।

