जबलपुर:- बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए एक नया पैंतरा आजमाया है। समर्थ सिंह ने जिला अदालत जबलपुर आकर आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का एक विधि-विरुद्ध और अनुचित प्रयास किया। हालांकि, कानूनी क्षेत्राधिकार और नियमों के आड़े आने के कारण उसका यह प्रयास पूरी तरह विफल रहा। विधिक नियमानुसार, इस मामले में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया केवल भोपाल कोर्ट में ही संपन्न हो सकती है, जहां मामला दर्ज है।
यही वजह रही कि क्षेत्राधिकार से बाहर होने के कारण जबलपुर कोर्ट ने समर्थ सिंह के सरेंडर करने के निवेदन पर कोई भी विधिक आदेश देने से साफ इनकार कर दिया। अदालत से कोई राहत न मिलने के बाद अब भोपाल पुलिस के लिए रास्ता साफ हो गया है। भोपाल पुलिस अब आरोपी समर्थ सिंह को जबलपुर से हिरासत में लेकर भोपाल ले जा सकेगी और वहां की सक्षम अदालत के समक्ष विधिक रूप से प्रस्तुत करेगी।
अदालत परिसर में दो घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
इस विधिक विफलता के बीच जबलपुर जिला न्यायालय परिसर में लगभग दो घंटे तक भारी नाटकीय घटनाक्रम और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आत्मसमर्पण की अनुचित कोशिश के दौरान आरोपी और उसका अमला लगातार अपनी विधिक रणनीति बदलता दिखा।
यह हाई-वोल्टेज ड्रामा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट से शुरू होकर जिला सत्र न्यायाधीश (DH) कोर्ट तक पहुंचा और फिर वहां से जिला बार एसोसिएशन के कार्यालय तक करीब दो घंटे तक चक्कर काटता रहा। इस पूरे ड्रामे के बाद आखिरकार कोर्ट के कड़े विधिक रुख के कारण आरोपी को खाली हाथ लौटना पड़ा और अब उस पर भोपाल पुलिस की सीधी कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।

