विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश):- विशाखापत्तनम के गाजुवाका के चर्चित मोनिका मर्डर केस में पुलिस की पूछताछ में कई रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं. पहले जहां यह माना जा रहा था कि हत्या आरोपी के अपने फ्लैट में हुई, वहीं अब नई कड़ियों ने पूरी कहानी बदल दी है. आरोपी ने न केवल जगह बदली, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए बेहद खौफनाक तरीका अपनाया.
आरोपी रवींद्र को तीन दिन की पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें कई नई बातें सामने आई हैं. पहले पुलिस को शक था कि यह घटना उसी अपार्टमेंट में हुई जहां रवींद्र रहता था. लेकिन अब यह बात सामने आई है कि घटना एक दोस्त के घर पर हुई थी. इसके बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आए हैं. यह घटना 29 मार्च की रात को हुई थी.
नौसेना में एयरक्राफ्ट टेक्नीशियन रवींद्र की मुलाकात मोनिका से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी. आरोप है कि दोनों के बीच हुए झगड़े के बाद उसने मोनिका की हत्या कर दी. आरोपी ने पहले पुलिस को बताया था कि इसी साल 29 मार्च को उसने मोनिका को मर्रीपालेम से अपनी बाइक पर बैठाया और अपने फ्लैट पर ले गया, जहां बहस के बाद उसने उसे मार डाला. सीसीटीवी फुटेज में मोनिका के एलवी नगर स्थित रवींद्र के फ्लैट में दाखिल होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला.
जब जांचकर्ताओं ने इस बात की पड़ताल की कि फ्लैट में आयी ही नहीं तो यहां हत्या कैसे हो सकती है, तो आरोपी ने आखिरकार सच उगल दिया. पता चला कि रवींद्र का एक दोस्त उसके फ्लैट से कुछ ही दूरी पर रहता है. हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे वह दोस्त एक फार्मा कंपनी में अपनी ड्यूटी पर चला गया था. रवींद्र ने उस घर की चाबियां लीं, मोनिका को वहां बुलाया.
रवींद्र को डर था कि अगर वह मोनिका को अपने फ्लैट पर ले गया, तो उसे उसकी शादीशुदा होने की बात पता चल जाएगी और झगड़ा बढ़ जाएगा. इसलिए, उसने अपने दोस्त के घर को अपना बताकर उसे वहां बुलाया. वहां उनके बीच बहस हुई और जब मोनिका चिल्लाने लगी, तो उसने उसका मुंह दबाकर उसे चुप कराने की कोशिश की. इसके बाद उसने अपने घुटने से उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.
उसका दोस्त इस अपराध से पूरी तरह बेखबर था कि उसके घर में हत्या हुई है. शव को वहीं छोड़कर, रवींद्र करीब 100 मीटर दूर अपने फ्लैट पर गया. वह एक बड़ा ट्रॉली बैग लेकर लौटा, उसमें शव रखा और उसे वापस अपने फ्लैट पर ले आया. पुलिस जांच से पता चला कि उसने कुछ उपकरण और बैग ऑनलाइन खरीदे थे. इसके बाद उसने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की और अवशेषों को एक काजू के बगीचे में ले जाकर नष्ट कर दिया.

