हैदराबाद :- पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था. इसके बाद पाक नागरिकों को वीजा देने पर रोक लगा दी गई थी. बॉर्डर भी बंद कर दिया गया था. इससे पाक के सिंध प्रांत की 150 से अधिक लड़कियों की शादी रुक गई थी. इन युवतियों की सगाई भारत के अलग-अलग शहरों में रहने वाले युवकों से हो चुकी थी. इसके करीब एक से डेढ़ साल बाद ये लड़कियां शादी के लिए भारत पहुंची हैं.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी लड़कियों के परिवार काफी समय से वीजा के लिए प्रयास कर रहे थे. वे अपनी बेटियों के घर बसने के इंतजार में थे. हालांकि इसमें सफलता नहीं मिल पा रही थी. अब जाकर भारत सरकार की ओर से मानवीय आधारों पर सिंधी महिलाओं और उनके रिश्तेदारों के लिए वीजा जारी किया गया. इसके बाद इस साल अप्रैल से अब तक करीब 150 दुल्हनें और उनके रिश्तेदार शादी के लिए मस्कट-दुबई-श्रीलंका और अन्य दूसरे देशों के रास्ते भारत पहुंचे.
पुणे, रायपुर समेत कई अन्य शहरों में इन लड़कियों की शादी होगी. नागपुर में सबसे ज्यादा 15 लड़कियों की शादी होनी है. इसके बाद ये अपनी ससुराल में ही रहेंगी. दरअसल, पाकिस्तान की काफी लड़कियों की शादी भारत में दशकों से होती आई है. हालांकि इनमें सिंध प्रांत की सिंधी हिंदू युवतियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. ऐसे परिवारों की सुरक्षा हमेशा से ही बड़ी चुनौती रही है. लिहाजा तमाम परिवार भारत को अपनी बेटियों के अच्छे भविष्य के लिए ज्यादा बेहतर मानते हैं.
पाक से भारत आने के लिए ऐसे मिली मंजूरी : पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार नागपुर के सिंधी कम्युनिटी लीडर राजेश झांबिया काफी समय से इसके लिए प्रयासरत थे. झांबिया के मुताबिक उन्होंने इसके लिए रायपुर के संत युधिष्ठिरलाल शादानी से बात की. शादानी पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हिंदू धार्मिक स्थल शादानी दरबार के चीफ हैं. वे भारत में ही रहते हैं. इसके बाद शादानी दरबार की ओर से ऐसी पाकिस्तानी लड़कियों की लिस्ट बनाई गई, जिनकी सगाई भारतीय लड़कों से हो चुकी है, और जो अपनी शादियों के इंतजार में हैं.
गृह मंत्रालय ने सशर्त दी अनुमति : करीब 150 लड़कियों की लिस्ट को गृह मंत्रालय को भेजा गया. युवतियों और उनके परिवारों को वीजा देने की मांग की गई. इसके बाद गृह मंत्रालय ने इन लोगों को भारत आने की अनुमति दे दी. शर्त भी रखा कि दुल्हनें और उनके परिवार हवाई मार्ग से ही आएंगे. भारत-पाकिस्तान के बीच सीधी उड़ान बंद होने, और वाघा-अटारी बॉर्डर बंद होने से लड़कियों और परिजनों को पहले श्रीलंका, मस्कट, ओमान आदि देशों की प्लाइट लेनी पड़ी. इसके बाद वहां से फिर से फ्लाइट के जरिए पाकिस्तानी लड़कियां भारत पहुंचीं.
अब तक कैसे होती रहीं हैं शादियां : झांबिया के अनुसार अभी तक पाकिस्तान का सिंधी समुदाय अपनी बेटियों का रिश्ता भारतीय युवकों से तय करने के बाद, पंजाब के वाघा-अटारी बॉर्डर के जरिए ही शादियों के लिए भारत आया करता था. पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद ऐसे लोगों को लिए मुश्किलें खड़ी हो गई. 27 अप्रैल 2025 से सरकार ने इस रास्ते से आने वाले पाकिस्तानियों के वीजा रद्द कर दिए. इससे शादियां अटक गईं.
वीजा के इंतजार में 300 अन्य लड़कियां : झांबिया की ओर से पीटीआई को दी गई जानकारी के अनुसार अभी भी पाकिस्तान की काफी लड़कियां वीजा के इंतजार में हैं. उन्होंने भारत सरकार से इसकी मांग की है. इनकी भी सगाई भारत में हो चुकी है. ऐसी लड़कियों की संख्या 300 से भी अधिक है. वीजा मिलने पर आने वाले समय में ये लड़कियां भी शादी के लिए भारत आ सकती हैं. 150 लड़कियों को वीजा मिलने से उनमें भी उम्मीद जगी है.
पहलगाम आतंकी हमले से बदल गई तस्वीर : प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार साल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था. इनमें पाकिस्तान से ताल्लुक रखने वाले आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 लोगों का बेरहमी से कत्ल कर दिया था. इसके जवाब में 6 और 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमले किए गए थे. इसके बाद 10 मई को दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई पर रोक लगा दी थी.
सरकार ने लिए थे ये कड़े फैसले : आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कई कड़े फैसले लिए थे. अटारी वाघा बॉर्डर को बंद कर दिया गया था. सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया गया था. पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा जारी करने पर रोक लगा दी गई थी. वहीं पहले से जारी वैध वीजा भी 27 अप्रैल को रद्द कर दिए गए थे. देश के मौजूद सभी पाकिस्तानों को 30 अप्रैल तक पाक लौटने के लिए कहा गया था.

