नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की ऐसे करें आराधना, मनोकामना होगी पूरी
आज 13 अक्टूबर, 2026, मंगलवार के दिन आश्विन महीने की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि है. यह तिथि शिव और उनकी पत्नी माता गौरी देवी द्वारा नियंत्रित होती है. गृहप्रवेश, गृह निर्माण, कलात्मक कार्यों के लिए शुभ तिथि मानी जाती है. विवाद और मुकदमेबाजी के लिए अशुभ है. इस तिथि के दिन झगड़ों और मुकदमों से दूर रहना चाहिए.
13 अक्टूबर का पंचांग :
विक्रम संवत : 2083
मास : आश्विन
पक्ष : शुक्ल पक्ष तृतिया
दिन : मंगलवार
तिथि : शुक्ल पक्ष तृतिया
योग : प्रीति
नक्षत्र : विशाखा
करण : तैतिल
चंद्र राशि : तुला
सूर्य राशि : कन्या
सूर्योदय : 06:20:00 AM
सूर्यास्त : 05:54:00 PM
चंद्रोदय : 08:52 AM चन्द्रास्त
चंद्रास्त : 07:12 PM
राहुकाल : 15:00 से 16:27
यमगंड : 10:40 से 12:07
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा तुला राशि और विशाखा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र 20 डिग्री तुला से 3:20 डिग्री वृश्चिक राशि तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह बृहस्पति है, देवता सतराग्नि हैं – जिसे इन्द्राग्नि भी कहा जाता है. यह मिश्रित प्रकृति का नक्षत्र है. नियमित कर्तव्यों के पालन के लिए, किसी की पेशेवर जिम्मेदारियों को सौंपने के लिए, घरेलू काम और दिन-प्रतिदिन के महत्व की किसी भी गतिविधि के लिए ये उपयुक्त नक्षत्र है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 15:00 से 16:27 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

