वैभव सूर्यवंशी ,बिहार के समस्तीपुर से निकला यह 15 वर्षीय युवा आज भारतीय क्रिकेट के आकाश पर सचमुच एक ‘चमकते सूर्य’ की तरह दैदीप्यमान है। उनकी प्रतिभा की चमक इतनी तेज है कि उन्होंने बेहद कम उम्र में ही क्रिकेट के बड़े-बड़े कीर्तिमानों को अपने नाम कर लिया है।
उनकी इस अद्भुत यात्रा और चमकीली प्रतिभा को कुछ खास बिंदुओं के जरिए समझा जा सकता है:
1. रिकॉर्ड्स के नए ‘सिक्सर किंग’
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) की तरफ से खेलते हुए वैभव ने जो निडरता दिखाई है, उसने दुनिया भर के गेंदबाजों को हैरान कर दिया है।
- नया कीर्तिमान: दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में उन्होंने अभिषेक शर्मा के (42 छक्के, 2024) रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक आईपीएल सीजन में किसी भी भारतीय द्वारा सबसे ज्यादा (43 छक्के) लगाने का नया इतिहास रच दिया है।
- उनकी बल्लेबाजी की आक्रामकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस सीजन में वे अब तक 5 बार अपनी पारी की शुरुआत ही छक्के के साथ कर चुके हैं।
2. ‘इंडिया ए’ में ऐतिहासिक बुलावा
वैभव की इस विस्फोटक और परिपक्व बल्लेबाजी का इनाम उन्हें बीसीसीआई (BCCI) ने भी दिया है। आईपीएल 2026 में 440 से अधिक रन बनाने के उनके इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें श्रीलंका में होने वाली त्रिकोणीय सीरीज के लिए ‘इंडिया ए’ (India A) टीम में शामिल किया गया है। इतनी कम उम्र में इंडिया ए टीम का हिस्सा बनना उनकी असाधारण क्षमता को दर्शाता है।
3. हर फॉर्मेट में बिखेरी चमक
वैभव की प्रतिभा सिर्फ टी-20 तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने हर फॉर्मेट में अपनी धाक जमाई है:
- अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: इस साल की शुरुआत में हुए अंडर-19 विश्व कप में उन्होंने भारत को फाइनल तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई, जहां उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की आतिशी पारी खेली थी।
- घरेलू क्रिकेट: महज 12 साल की उम्र में बिहार के लिए रणजी डेब्यू कर वे आधुनिक युग के सबसे युवा प्रथम श्रेणी खिलाड़ी बने थे। इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ महज 36 गेंदों में शतक जड़कर उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे युवा शतकवीर होने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया।
4. निडरता और खेल की गहरी समझ
राजस्थान रॉयल्स के कोच कुमार संगाकारा से लेकर क्रिकेट के कई दिग्गज उनकी तारीफ करते नहीं थकते। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे बिना किसी दबाव के, एक बच्चे की तरह खेल का आनंद लेते हैं, लेकिन क्रीज पर उनका ‘बैट-स्विंग’ और खेल की समझ किसी मझे हुए सीनियर खिलाड़ी जैसी होती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। वे सचमुच भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं और उनकी चमक आने वाले समय में और बिखरने वाली है।

