चेन्नई:- तमिलनाडु में बड़ी बेरहमी से एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है. मामले में तमिलनाडु पुलिस ने आरोपी दंपती को मणिपुर से गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि, दंपती ने महिला का कत्ल करके उसके शरीर का आधा हिस्सा आगरा जाने वाली ट्रेन में छोड़ दिया और बाकी बचे शरीर के टुकड़ों को सब्जियों और मैदा में मिलाकर बिरयानी के बर्तन में डाल दिया.
क्या है पूरा मामला
5 तारीख को जब चेन्नई से नई दिल्ली जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस ट्रेन उत्तर प्रदेश के आगरा रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तो रेलवे पुलिस को बताया गया कि जनरल डिब्बे से तेज बदबू आ रही है और वहां एक संदिग्ध लाल सूटकेस पड़ा है.
जब पुलिस ने सूटकेस खोला, तो उन्हें अंदर अज्ञात मानव शरीर के अंग मिले. इसके बाद, आगरा पुलिस और रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की. पता चला कि सूटकेस के अंदर जिस प्लास्टिक कवर में महिला के शरीर के अंग लिपटे हुए थे, वह चेन्नई की एक कपड़ा दुकान का था. ऐसे में मामले की जांच को चेन्नई में शिफ्ट कर दिया गया.
रेलवे पुलिस ने चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन समेत इलाकों में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले. काफी मशक्कत के बाद पुलिस को एक आदमी और एक महिला का फुटेज मिला जो सूटकेस ले जा रहे थे. सीसीटीवी फुटेज और जांच से पता चला कि कपल सबसे पहले चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन गया. वहां सूटकेस ट्रेन में छोड़कर फिर पुनकक रेलवे स्टेशन गया. वहां से दोनों ट्रेन में सवार होकर कुडुवनचेरी के लिए निकल गए.
इसके बाद, पुलिस ने चेन्नई के बाहरी इलाकों से सीसीटीवी फुटेज की जांच की. इस दौरान पुलिस ने 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की. साथ ही दूसरे लोगों से मिली जानकारी से भी इस केस की जांच में मदद मिली.इसके आधार पर, पुलिस ने कुडुवनचेरी में उस घर की पहचान की जहां वे लोग रह रहे थे. जब पुलिस घर गई, तो उन्होंने पाया कि वह बंद था. घर के दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर तलाशी ली गई.
घर के अंदर पता चला कि, एक महिला की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई है. उसके शरीर के कई टुकड़े कर दिए गए थे. शरीर के हिस्से घर में बिरयानी पैन (बर्तन) में सब्जियों और मैदे के आटे के साथ मिले थे. हालांकि, उस मानव अंग में सिर नहीं था. इसके बाद, पुलिस ने केवल शरीर के हिस्से बरामद किए और उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया.
इसके बाद, पुलिस जांच में पता चला कि हत्या की गई महिला हैतुल निशा थी. जांच में पता चला कि वह तांबरम के पास एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी. माणिक लस्कर और उसकी पत्नी भागमती माझी उसके साथ रह रहे थे. पुलिस को शक था कि मर्डर की वजह कोई गलत रिश्ता या पैसे की दिक्कत हो सकती है. उन्होंने आगे की जांच शुरू कर दी.
इस बीच, हैतुल निशा के बेटे की शिकायत पर कुडुवंचेरी पुलिस स्टेशन में लापता का केस दर्ज किया गया. उसके शरीर के हिस्से मिलने के बाद, मामले को मर्डर केस में बदल दिया गया. जब कुडुवंचेरी पुलिस मामले की एक्टिव जांच कर रही थी, तभी आगरा के कांस्टेबल राजेश दीक्षित ने रिपोर्ट दी कि हैतुल निशा का सिर चेन्नई के एक घर में मिला है. हालांकि, चेन्नई पुलिस ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी.
ऐसे में, पुलिस की आगे की जांच में पता चला कि हैतुल निशा के साथ रह रहा मानिक लस्कर असम का रहने वाला था और उसकी पत्नी भगवती माझी ओडिशा की थी. जांच में यह भी पता चला कि जिस दंपती ने बॉडी पार्ट्स एक सूटकेस में भेजे थे, वे घर लौटे और कुछ सामान लेकर फरार हो गए.
जांच में पता चला कि, दोनों पति-पत्नी थे. इस शक में कि वे उत्तरी राज्यों में भाग गए होंगे, वहां जांच तेज कर दी गई. इसके बाद, हत्या के मुख्य आरोपी मानिक लस्कर (उम्र 22) को मणिपुर के जिरीबाम जिले के काशिमपुर में गुडुवनचेरी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक स्पेशल पुलिस फोर्स ने गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में पता चला कि मानिक असम के कछार जिले के दक्षिण कृष्णपुर के सोनाबारीघाट इलाके का रहने वाला है. पुलिस ने उसकी फरार पत्नी भागमती को भी गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस दोनों को चेन्नई लाकर पूछताछ के लिए कुडुवनचेरी पुलिस स्टेशन में रखने की प्लानिंग कर रही है. हैतुल निशा और इन लोगों के बीच क्या कनेक्शन है. मर्डर कब हुआ. हत्या से जुड़े इस केस की गुत्थियों को सुलझाने में पुलिस जुट गई है.

