मध्य प्रदेश:- ग्वालियर से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. ट्रिपल मर्डर के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा मुख्य आरोपी हनी दुबे पुलिस को चकमा देकर एक बार फिर फरार हो गया है. खास बात यह है कि पिछले 24 घंटों में पुलिस के चंगुल से निकल भागने का यह दूसरा मौका है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं. मीडिया रिपोर्टों की मानें तो पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हाथरस से बुधवार रात में हनी दुबे की गिरफ्तारी की थी. इसके बाद गुरुवार दोपहर को उसे ग्वालियर सेंट्रल जेल ले जाया जा रहा था. जब पुलिस की टीम उसे लेकर बहोड़ापुर थाने से करीब 500 मीटर दूर थी, तभी वह एक बार फिर पुलिस हिरासत से भाग निकला।
इस भागदौड़ को लेकर दो तरह की बातें सामने आ रही हैं. एक तरफ पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसे गाड़ी में बैठाया जा रहा था और जब तक पुलिसकर्मी दूसरी तरफ से बैठते, उसने दरवाजा खोलकर छलांग लगा दी. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जेल भेजने से पहले उसकी फोटो खींची जा रही थी, तभी उसने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और वहां से रफूचक्कर हो गया. फिलहाल पुलिस ने अभी तक किसी एक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
यह खौफनाक मामला साल 2017 का है. सिंचाई विभाग के ऑफिस सुपरिंटेंडेंट अंतर सिंह मीणा का 17 साल का बेटा हेमंत पुरानी सेकंड हैंड बाइक खरीदने के लिए 40 हजार रुपये लेकर घर से निकला था. पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि आरोपी हनी दुबे ने अपनी मां पूनम दुबे और एक नाबालिग साथी के साथ मिलकर पहले हेमंत से पैसे छीने, फिर उसका गला रेतकर हाथ काट डाले और पहचान मिटाने के लिए शव को जला दिया. इसके बाद पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए आरोपियों ने हेमंत के ही मोबाइल से उसके पिता को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी.
हेमंत की हत्या के बाद उसके दो दोस्त लोकेश और रितिक को इस राज के बारे में पता चल गया था. लोकेश अपने हिस्से के पैसे मांग रहा था और पुलिस को सब कुछ बताने की धमकी दे रहा था. इस डर से हनी और उसकी मां ने लोकेश को नेगमा के जंगल में ले जाकर मौत के घाट उतार दिया और उसका शव भी जला दिया. जब रितिक को इन दोनों हत्याओं के बारे में पता चला, तो आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा और उसकी भी हत्या कर शव जला दिया. इस तरह यह मामला एक साधारण लूट से ट्रिपल मर्डर में बदल गया.
पुलिस की पूछताछ में यह बात भी सामने आई थी कि आरोपी हनी ने अपराध के बाद सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के सभी तरीके टीवी पर आने वाले क्राइम शो ‘सावधान इंडिया’ देखकर सीखे थे. अदालत ने साल 2022 में हनी और उसकी मां पूनम दुबे को इस ट्रिपल मर्डर केस में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से दोनों ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद थे.
हनी और उसकी मां पूनम 6 जुलाई से 21 जुलाई तक 15 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आए थे. नियम के मुताबिक दोनों को 22 जुलाई को वापस जेल लौटना था. मां पूनम तो समय पर जेल लौट आई, लेकिन हनी पैरोल अवधि खत्म होने के बाद फरार हो गया था. अब पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.

