भारत सरकार ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर बड़े पैमाने पर हो रही पायरेसी के खिलाफ बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी (OTT) कंटेंट के अवैध प्रसार पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म को अपनी इस कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
अब प्लेटफॉर्म की होगी सीधी जवाबदेही
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कड़ा कदम देश की क्रिएटर इकोनॉमी, फिल्म जगत, ब्रॉडकास्टर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के व्यावसायिक हितों व बौद्धिक संपदा की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि सरकार अब पायरेटेड कंटेंट के चैनलों को एक-एक करके डिलीट करने के पारंपरिक तरीके से आगे बढ़कर सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने की रणनीति पर काम कर रही है।
मंत्रालय ने टेलीग्राम को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन केवल एक सिविल मामला नहीं है, बल्कि यह ‘कॉपीराइट एक्ट, 1957’ और ‘सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952’ के तहत एक गंभीर आपराधिक अपराध की श्रेणी में आता है।गौरतलब है कि इससे पहले भी जून महीने में नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक को रोकने के लिए एहतियातन टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था।
100 से अधिक बच्चों के पिता हैं टेलीग्राम के फाउंडर
पायरेसी के इस विवाद के बीच टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल डुरोव (Pavel Durov) का एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला निजी खुलासा भी चर्चाओं में है। कुछ समय पहले डुरोव ने खुद अपने ऑफिशियल टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की थी कि वे दुनिया के 12 अलग-अलग देशों में 100 से अधिक बच्चों के बायोलॉजिकल पिता हैं।
कैसे शुरू हुआ स्पर्म डोनेशन का यह सफर
बिना शादी किए और अकेले (सिंगल) रहने के बावजूद इतने बच्चों के पिता बनने की इस अनोखी कहानी के पीछे मुख्य वजह स्पर्म डोनेशन है। पावेल डुरोव ने बताया कि इस सफर की शुरुआत करीब 15 वर्ष पहले हुई थी, जब उनके एक बेहद करीबी मित्र को संतान प्राप्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दोस्त के विशेष अनुरोध पर वे पहली बार स्पर्म डोनेट करने क्लिनिक गए।वहां डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनके स्पर्म की क्वालिटी असाधारण रूप से बेहतर है और वे इसके जरिए दुनिया के कई अन्य बेऔलाद दंपतियों की मदद कर सकते हैं।
डीएनए (DNA) को सार्वजनिक करने की इच्छा
शुरुआत में अजीब लगने के बावजूद डुरोव ने इस मानवीय कार्य के लिए अपनी सहमति दे दी। हालांकि, उन्होंने काफी समय पहले स्पर्म डोनेट करना बंद कर दिया है, लेकिन पुराने फ्रोजन स्पर्म के जरिए आज भी उनके बायोलॉजिकल बच्चों का आंकड़ा 100 के पार पहुंच चुका है। डुरोव ने अपनी पोस्ट में इच्छा जताई कि वे भविष्य में अपना डीएनए (DNA) ओपन-सोर्स या सार्वजनिक करना चाहते हैं, ताकि माता-पिता बनने का सुख चाहने वाले जरूरतमंद लोगों को वैज्ञानिक रूप से आसानी हो सके।

