नरसिंहपुर :- रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देने वाली ये कहानी नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव की है, जहां एक ननद ने अपने ही भाई की पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। वजह बनी एक ऐसा राज़ जो अगर सामने आता तो कई रिश्ते बिखर जाते। हत्या के बाद पति ने भी पत्नी का साथ देने के बजाय सच छिपाने की साजिश रची, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरा खेल बिगाड़ दिया। पुलिस ने महज कुछ घंटों में इस अंधी हत्या का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
कैसे सामने आया पूरा सच
दरअसल, मामला बीते 10 जुलाई की है नरसिंहपुर के गोटेगांव थाना क्षेत्र के कमोद गांव में 30 वर्षीय दुर्गा बाई छिरा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार ने इसे चक्कर खाकर गिरने से हुई मौत बताया, लेकिन पुलिस को ये मामला मौत नहीं बल्कि हत्या से जुड़ा हुआ लगा। फिर क्या था पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट सामने आई तो खुलासा हुआ कि ये कोई हादसा नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई एक सुनियोजित हत्या थी। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
ननद और उसके पति के बीच थे अवैध संबंध
जांच के दौरान गोटेगांव पुलिस ने परिजनों से सख्ती से पूछताछ की, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और घटनास्थल की बारीकी से पड़ताल की। तभी एक ऐसा सच सामने आया जिसने सभी को चौंका दिया। पुलिस के मुताबिक मृतका की मुंहबोली (मौसी की लड़की) ननद सोनिया सिलावट और उसके पति भवानी सिंह छिरा के बीच अवैध संबंध थे। घटना से एक दिन पहले दुर्गा बाई को इस रिश्ते की जानकारी मिल गई थी, जिसके बाद दोनों महिलाओं के बीच तीखा विवाद हुआ।
गला दबाया और गर्दन मरोड़कर कर दी हत्या
पुलिस के अनुसार, अगले ही दिन सोनिया ने मौका देखकर रसोई में अकेली मौजूद दुर्गा बाई का गला दबाया और गर्दन मरोड़कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पति भवानी सिंह ने भी पत्नी का साथ देने के बजाय सच्चाई छिपाने की साजिश रची। उसने पूरे मामले को सामान्य मौत बताकर पुलिस को गुमराह करने और सबूत मिटाने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के आगे उसकी चाल ज्यादा देर नहीं चल सकी। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में सोनिया सिलावट और भवानी सिंह छिरा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। इस वारदात ने एक बार फिर दिखा दिया कि अवैध रिश्तों की कीमत कभी-कभी किसी की जान बन जाती है।

