जगदलपुर : नक्सलियों ने वार्ता को लेकर एक बार फिर से गेंद सरकार के पाले में डाल दिया है। नक्सलियों एक पत्र जारी किया है, जिसमे लिखा है कि वार्ता के लिए सरकार पहले माहौल बनाए। सेंट्रल कमेटी के सदस्य प्रताप ने कहा है कि शांति वार्ता के लिए शांतिपूर्ण माहौल जरुरी है। पत्र में कहा है कि नक्सल संगठन ने वार्ता के लिए कोई शर्त नहीं रखी है। उन्होंने लिखा है कि हम क्रांतिकारी, सरेंडर के साथ वार्ता कैसे करेंगे? एक बार फिर सरकार के पाले में गेंद माओवादियों ने डाल दी है। आपको बता दे कि भाजपा की जब से सरकार बनी है, सरकार अपने स्तर से नक्सलियों से वार्ता करने की लगातार कोशिश कर रही है। कई बार सार्वजनिक मंचों पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों से खुले तौर पर वार्ता की पहल की है। सरकार की तरफ से गूगल फॉर्म जारी किया गया है, जिसमें नक्सलियों से यह सुझाव मांगा गया है, कि उनके लिए पुनर्वास नीति कैसी होनी चाहिए? सरकार की मंशा है कि पुनर्वास नीति को बेहतर बना कर नक्सलियों के लिए एक माहौल तैयार किया जा सके, ताकि वह मुख्य धारा में लौटे।





