गुजरात:- सुरेंद्रनगर शहर में फिटनेस का एक नाम था क्लब 71। दुधरेज रोड (शिवालिक कॉम्प्लेक्स/टीबी हॉस्पिटल रोड) और 80 फीट रोड पर दो जगहों पर चल रहे इस जिम में शहर की कई युवतियां नियमित रूप से आती थीं। लेकिन एक गुप्त शिकायत ने इस पूरे सेटअप का पर्दाफाश कर दिया।
शिकायतकर्ता महिला ने जिला पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख डेलू को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि जिम में लड़कियों को ब्लैकमेल किया जा रहा है, उन्हें संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है और चेंजिंग रूम में छिपे कैमरों से उनकी तस्वीरें व वीडियो बनाए जा रहे हैं। इन सामग्रियों का इस्तेमाल बाद में धमकी और वसूली के लिए किया जा रहा था।
शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। एएसपी वेदिका बिहानी के नेतृत्व में टीम ने रात में ग्राहक बनकर जिम में एडमिशन लेने का नाटक किया और छापा मार दिया। तलाशी के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत मिले—चार पेन ड्राइव (जिनमें 100 से 150 के करीब आपत्तिजनक फोटो और वीडियो होने का दावा है), पांच मोबाइल फोन (लगभग 1.31 लाख रुपये मूल्य के), दो सिम कार्ड, एडाप्टर, ब्लूटूथ डिवाइस, सत्रह खाली (कोर) चेक, अकाउंट डायरी/चोपड़ियां और कुछ महिलाओं के आधार कार्ड की प्रतियां। सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सऐप चैट भी जब्त किए गए।
पेन ड्राइव में मिली सामग्रियों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि उनकी असलीयत जांची जा सके—क्या वे असली हैं या एआई से बने। पुलिस ने स्पष्ट किया कि छापे के दौरान जिम या चेंजिंग रूम में कोई छिपा हुआ कैमरा नहीं मिला। खाली चेक और हिसाब-किताब की डायरियों से अवैध सूदखोरी (मनी-लेंडिंग) के शक भी पैदा हुए।
आरोपी अमीन यासीनभाई मुल्तानी (जिम के संचालक/मैनेजर) को 3 अक्टूबर 2026 दोपहर करीब 12 बजे गिरफ्तार किया गया। उनके साथ एक जिम कर्मचारी भी पकड़ा गया। कुछ रिपोर्ट्स में अन्य स्टाफ (शामिल दो महिलाएं) की पूछताछ का भी जिक्र है। दोनों जिम बिना लाइसेंस चलने के कारण सील कर दिए गए और बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया।
सुरेंद्रनगर सिटी ए डिवीजन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (जैसे 308(5), 74, 75(2), 351(3), 352 आदि) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी प्रेमसुख डेलू ने पुष्टि की कि गुप्त शिकायत के आधार पर छापा मारा गया और जांच जारी है।
यह मामला सिर्फ एक जिम की कहानी नहीं, बल्कि भरोसे और सुरक्षा के उल्लंघन की कहानी है। जहां लोग स्वास्थ्य सुधारने जाते हैं, वहां उनकी निजता और सम्मान पर हमला हो—पुलिस की कार्रवाई ने इस अंधेरे पक्ष को रोशनी में ला दिया है। आगे की जांच फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों पर निर्भर करेगी।

