ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) को सुख, समृद्धि, ज्ञान, संतान और भाग्य का कारक माना जाता है। गुरु का एक राशि से दूसरी राशि में गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना है, क्योंकि इनका प्रभाव जातकों के जीवन पर दीर्घकालिक और गहरा होता है।
2 जून 2026 को गुरु महाराज अपनी चाल बदलते हुए नई राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं।जो कि 2 जून को सुबह 6:30 बजे होगा। गुरु के इस गोचर से कुछ राशियों के जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे और उनकी ‘चांदी’ होगी, वहीं कुछ राशियों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
आइए जानते हैं इस बड़े राशि परिवर्तन का विस्तृत लेखा-जोखा:
🌟 इन राशियों की होगी चांदी (शुभ प्रभाव)
गुरु का यह गोचर निम्नलिखित राशियों के लिए बेहद फलदायी और भाग्यशाली रहने वाला है:
- मेष राशि (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय वरदान की तरह सिद्ध हो सकता है।
करियर और व्यापार: नौकरी में पदोन्नति और वेतन वृद्धि के प्रबल योग हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को कोई बड़ी डील मिल सकती है।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के नए स्रोत खुलेंगे। पुराना रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है।
पारिवारिक जीवन: परिवार में मांगलिक कार्य होने के संकेत हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
- सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि वालों के लिए गुरु का गोचर जीवन में सकारात्मकता लेकर आ रहा है।
भाग्य का साथ: अटके हुए काम अचानक बनने लगेंगे। आपके निर्णय लेने की क्षमता की सराहना होगी।
शिक्षा और संतान: विद्यार्थियों के लिए यह समय उच्च शिक्षा के बेहतरीन अवसर लाएगा। संतान पक्ष से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।
स्वास्थ्य: पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी और ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।
- धनु राशि (Sagittarius)
चूंकि धनु गुरु की स्वराशि है, इसलिए इस गोचर का इन्हें विशेष लाभ मिलेगा।
आत्मविश्वास में वृद्धि: आपकी निर्णय शक्ति मजबूत होगी और आप साहसिक कदम उठाएंगे।
आर्थिक पक्ष: निवेश से अच्छा मुनाफा कमाने के योग हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है।
अध्यात्म: धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। किसी तीर्थ यात्रा पर जाने का योग बन सकता है।
⚠️ इनको रहना होगा सावधान (चुनौतीपूर्ण समय)
गुरु के इस गोचर के दौरान कुछ राशियों को अपने करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में थोड़ी सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है:
- वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि के जातकों को इस अवधि में संभलकर चलने की आवश्यकता है।
खर्चों में अधिकता: आमदनी से ज्यादा खर्च होने के कारण बजट बिगड़ सकता है। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें।
कार्यक्षेत्र: सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। वाद-विवाद से दूर रहें।
सलाह: किसी को भी बड़ा कर्ज देने से बचें, पैसा फंस सकता है।
- कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर मिले-जुले परिणाम लाएगा, लेकिन सावधानी जरूरी है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: पेट, लीवर या मोटापे से जुड़ी परेशानियां सामने आ सकती हैं। खान-पान पर विशेष ध्यान दें।
पारिवारिक तनाव: घरेलू जीवन में कुछ गलतफहमियों के कारण तनाव बढ़ सकता है। बातचीत में सौम्यता बनाए रखें।
सलाह: कार्यक्षेत्र में शॉर्टकट अपनाने से बचें, अन्यथा छवि धूमिल हो सकती है।
- मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के जातकों को इस समय भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय कड़ी मेहनत पर विश्वास करना होगा।
काम में देरी: बनते हुए कामों में थोड़ी रुकावटें या देरी आ सकती है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
साझेदारी में नुकसान: यदि आप पार्टनरशिप में बिजनेस करते हैं, तो लेन-देन में पूरी पारदर्शिता रखें।
सलाह: कोई भी नया निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें।
🛠️ गुरु जन्य दोषों को दूर करने के अचूक उपाय
यदि आपकी राशि के लिए यह गोचर अनुकूल नहीं है, या आप गुरुदेव की कृपा को और बढ़ाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित उपाय अवश्य करें:
मंत्र जाप: प्रतिदिन या प्रत्येक गुरुवार को गुरु के बीज मंत्र ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः का 108 बार जाप करें।
दान: गुरुवार के दिन पीले अन्न, चने की दाल, केला, या पीले वस्त्रों का दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को करें।
बड़ों का सम्मान: घर के बुजुर्गों, माता-पिता और गुरुतुल्य व्यक्तियों का आशीर्वाद लें। उनका अनादर करने से गुरु रुष्ट होते हैं।
भगवान विष्णु की पूजा: गुरुवार को भगवान विष्णु और
साक्षात केले के वृक्ष की पूजा करने से गुरु ग्रह के शुभ फलों में वृद्धि होती है।
पं. गिरीश पाण्डेय
एस्ट्रो-गुरू, भागवत-व्यास
एस्ट्रो- सेज पैनल -मेंबर
सचिव पुरोहित मंच
ज़िला- महासमुन्द छ.ग.
संपर्क सूत्र – 7000217167
संकट मोचन मंदिर
मण्डी परिसर,पिथौरा
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