रायपुर : राजधानी रायपुर में पुलिस कानून व्यवस्था बना पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। आज बिगड़ी हुई व्यवस्था के चलते ही सैकड़ों भाजपा एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच खूनी संघर्ष हुआ जिसमें दोनों ही पार्टियों के कई नेताओं के सर फटने एवं शरीर में गहरी चोट पहुंची है।
दरअसल आज राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता निरस्त होने की खबर चलने के बाद युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पहुंच प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव की तस्वीर पर कालिख पोतने सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। जिससे आक्रोशित होकर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी शंकर नगर स्थित राजीव भवन पहुंचे जहां दोनों ही पार्टी के नेताओं के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई जिसे रोकने में रायपुर पुलिस पूरी तरह से नाकाम रही और इसी के चलते सैकड़ों कार्यकर्ता जख्मी हुए।
एक माह पूर्व हुई घटना से पुलिस ने नहीं लिया सबक
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ इकाई के आप पार्टी के कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंचकर भाजपा नेताओं के बैनर, पोस्टर फाड़े थे जिसकी शिकायत भी भाजपा नेताओं द्वारा मौदहापारा थाने में दर्ज करवाई गई थी। इस घटना के होने की बाद भी पुलिस आज इस बात का अंदाजा लगाने में असफल रही की पुनः इस प्रकार की ही घटना दोहराई जा सकती है।
अगर आज राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त होने की खबर चलने के बाद रायपुर पुलिस भाजपा कार्यालय के आस.पास बेरीक्रेटिंग कर अतिरिक्त बल तैनात कर देती तो ना हो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की तस्वीर पर कालिख पोती जाती, ना ही देश के प्रधानमंत्री का पुतला फूंका जाता और ना ही कांग्रेस। भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच खूनी संघर्ष होता। इस बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था से आम जनता भी डरी सहमी नजर आ रही है। चूंकि, आज राजीव भवन के बाहर हुए पथराव में आम जनता भी इसका शिकार हो सकती थी।
