रायपुर:- छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन की दिशा में ‘सेवा सेतु’ पोर्टल और सेवा सेतु शिविर आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक माध्यम बनकर उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाकर लोगों को अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत दिलाना है। आय एवं निवास प्रमाण पत्र से लेकर भू-अभिलेख, विवाह प्रमाण पत्र और श्रम कार्ड तक, विभिन्न सेवाओं की उपलब्धता से नागरिकों का समय और श्रम बच रहा है।
‘सेवा सेतु’ से डिजिटल सुशासन को नई गति
छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (CHiPS) द्वारा संचालित ‘सेवा सेतु’ पोर्टल राज्य की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 29 अप्रैल 2026 को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया था। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य उपस्थित थे। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना है, ताकि सरकारी योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों के लिए बार-बार कार्यालयों में जाने की जरूरत कम हो। पोर्टल के माध्यम से आय प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण और अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
घर बैठे आवेदन और सेवाओं की स्थिति जानने की सुविधा
‘सेवा सेतु’ पोर्टल के जरिए नागरिक आधिकारिक वेबसाइट sewasetu.cgstate.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिन लोगों के पास डिजिटल संसाधनों की सुविधा नहीं है, वे नजदीकी सेवा सेतु केंद्र या चॉइस सेंटर के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद मिलने वाले यूनिक एप्लिकेशन रेफरेंस नंबर (ARN) की मदद से आवेदक अपने आवेदन की स्थिति जान सकते हैं। डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड वाले प्रमाण पत्रों जैसी सुविधाएं दस्तावेजों के सत्यापन को आसान बनाने में मदद करती हैं। इस प्रकार डिजिटल माध्यम से नागरिकों को सेवाओं तक पहुंचने और आवेदन की प्रगति पर नजर रखने की सुविधा मिल रही है।
चार दिन में मिला बच्चे का आय प्रमाण पत्र
तहसील पामगढ़ के ग्राम कोसीर निवासी रामप्रसाद के लिए ‘सेवा सेतु’ केंद्र की सुविधा उपयोगी साबित हुई। उन्होंने अपने बच्चे का आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय स्थित सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया था। आवेदन के महज चार दिनों के भीतर उन्हें प्रमाण पत्र मिल गया। समय पर दस्तावेज मिलने से रामप्रसाद को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि सेवा केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सरकारी दस्तावेज प्राप्त करना नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक हो रहा है।
सेवा सेतु शिविरों में मिल रहे भू-अभिलेख और अन्य दस्तावेज
दुर्ग जिले में आयोजित सेवा सेतु शिविर भी नागरिकों को राहत पहुंचा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर के माध्यम से शांतिलाल यादव, कमल नारायण और संतराम पटेल को भवन निर्माण और अन्य शासकीय कार्यों के लिए आवश्यक बी-1 (खतौनी) और पी-2 (खसरा) जैसे भू-अभिलेख दस्तावेज प्राप्त हुए। एक ही स्थान पर आवश्यक दस्तावेज मिलने से हितग्राहियों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने की परेशानी से राहत मिली। इस पहल से स्थानीय स्तर पर सेवाओं की उपलब्धता और नागरिकों की सुविधा को बढ़ावा मिल रहा है।
ऐप से आवेदन, दूसरे दिन मिला निवास प्रमाण पत्र
जांजगीर-चांपा जिले के चांपा निवासी संदीप यादव को ‘सेवा सेतु ऐप’ के माध्यम से आवेदन करने के महज दूसरे दिन निवास प्रमाण पत्र मिल गया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा। ऑनलाइन आवेदन और त्वरित निराकरण से संदीप यादव को कार्यालयों के चक्कर लगाने तथा लंबे समय तक इंतजार करने से राहत मिली। उन्होंने डिजिटल सुविधा की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। यह उदाहरण बताता है कि तकनीक के माध्यम से आवश्यक सरकारी सेवाओं को नागरिकों तक अधिक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।

