मुंबई:- वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में आ रहे बदलावों और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की खबरों के बीच भारतीय वायदा बाजार में आज कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी दर्ज की गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल और लेबनान के बीच तनाव कम करने के संकेतों और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को स्थायी रूप से खोले जाने की घोषणा के बावजूद, गुरुवार को एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों हरे निशान में कारोबार करते दिखे.
मार्केट का ताजा हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 जून के कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने के वायदा भाव में सुबह के सत्र में 0.67 प्रतिशत यानी 1,042 रुपये की तेजी देखी गई. इसके साथ ही सोना 1,54,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. वहीं, चांदी के वायदा भाव में अधिक मजबूती रही. चांदी 1.58 प्रतिशत या 3,993 रुपये की छलांग लगाकर 2,55,735 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंची.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि युद्ध की स्थिति टलने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग कम होनी चाहिए थी, लेकिन व्यापक आर्थिक कारकों और निचले स्तरों पर हुई खरीदारी ने कीमतों को सहारा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप का बयान और भू-राजनीतिक असर
कीमतों में यह हलचल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष के जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि इजरायल और लेबनान के बीच “ब्रीदिंग रूम” (तनाव कम करने का अवसर) बनाने की कोशिशें जारी हैं और दोनों पक्षों के बीच जल्द ही बातचीत होगी.
इसके अलावा, ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को स्थायी रूप से खोलने की बात कही है. उन्होंने दावा किया कि चीन इस फैसले से बहुत खुश है और उसने ईरान को हथियार न भेजने पर सहमति जताई है. इस कदम को वैश्विक व्यापार और शांति की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
क्या कहते हैं बाजार विश्लेषक
कॉमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने और चांदी में अभी भी मजबूती बनी हुई है. सोने के लिए 1,55,000 रुपये का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है. अगर कीमतें इस स्तर के ऊपर टिकी रहती हैं, तो यह 1,57,000 से 1,58,000 रुपये तक जा सकती हैं. हालांकि, 1,54,000 रुपये के नीचे जाने पर मुनाफावसूली हावी हो सकती है, जिससे कीमतें 1,48,000 रुपये तक गिर सकती हैं.
चांदी की बात करें तो इसे औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश का सहारा मिल रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि चांदी 2,60,000 से 2,63,000 रुपये के प्रतिरोध स्तर को पार करने के बाद 2,70,000 रुपये का आंकड़ा छू सकती है.

