नई दिल्ली:- तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां तमिलनाडु में इन दिनों थिएटर मालिकों और प्रोड्यूसर्स का फिल्मों के OTT रिलीज विंडो को लेकर विवाद चल रहा है। वहीं इस विवाद ने अब नया रूप ले लिया है। बताया जा रहा है कि, थिएटर मालिकों की मांगे नहीं मानी गई तो 1 सितंबर से तमिल फिल्म इंडस्ट्री ठप हो जाएगी। न ही कोई नई फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी और न ही किसी फिल्म की शूटिंग होगी।
क्या है पूरा विवाद
दरअसल, विवाद फिल्मों की OTT रिलीज विंडो को लेकर है। कोई भी फिल्म थिएटर में रिलीज होने के 1 महीने बाद ही या एक महीने से भी कम समय में ओटीटी पर आ जाती है। ( इसे लेकर थिएटर मालिकों और फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि इससे दर्शकों की संख्या और सिनेमा हॉल के बिजनेस पर बुरा असर पड़ रहा है। उनकी मांग है कि फिल्मों को थिएटर में आने के दो महीने बाद ही ओटीटी पर रिलीज किया जाना चाहिए।
नहीं मानी मांगें तो भुगतना पड़ेगा नुकसान
: तमिल फ़िल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल और तमिल फ़िल्म एक्टिव प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने मिलकर इस मामले में एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अगर ये विवाद नहीं सुलझता है तो एक सितंबर से तमिलनाडु में कोई तमिल फिल्म रिलीज नहीं होगी। इसके अलावा 1 सितंबर से फिल्मों की शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन का काम भी रोक दिया जाएगा।
तमिलनाडु सरकार से की गई अपील
तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल और तमिल फिल्म एक्टिव प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने इस मामले में तमिलनाडु सरकार और एक्टर-सीएम थलापति विजय से दखल देकर कोई समाधान निकालने की अपील की है। बयान में आगे कहा गया ये मुद्दा तमिलनाडु में सिनेमा से जुड़े हजारों कर्मचारियों के काम-काज पर असर डाल सकता है।

