बिलासपुर:- बिलासपुर में गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। करीब 20 साल बाद शहर में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले हैं। लगातार बारिश के कारण शहर के अधिकांश इलाके पानी में डूब गए हैं। सड़कों से लेकर कॉलोनियों तक जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है, जबकि रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से 5 मेमू (MEMU) ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 3 ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है।
जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 74.7 मिमी बारिश दर्ज
की गई है। सबसे अधिक 110.2 मिमी वर्षा सीपत क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
SDRF ने 40 से अधिक लोगों का किया रेस्क्यू
सरकंडा और चांटीडीह के निचले इलाकों में पानी तेजी से भरने के कारण 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में SDRF की टीम ने दो नावों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं, दोमुहानी इलाके में 10 से अधिक घर चारों ओर से पानी से घिर गए, जिससे कई परिवार पूरी रात अपने घरों में फंसे रहे। प्रशासन को सूचना मिलने के बाद राहत दल मौके पर पहुंचा और लोगों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की गई।
बिजली और पेयजल व्यवस्था प्रभावित
शहर के कई हिस्सों में ट्रांसफॉर्मर पानी में डूब जाने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई है और लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग की टीमें हालात सामान्य करने में जुटी हुई हैं।
कलेक्टर बंगला भी पानी से हुआ लबालब
भारी बारिश का असर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी दिखाई दिया। बिलासपुर कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया, जिसके बाद नगर निगम की टीम को जल निकासी के लिए लगाया गया। नगर निगम की मशीनें लगातार पानी निकालने का काम कर रही हैं ताकि स्थिति जल्द सामान्य हो सके।
नेशनल हाईवे पर भी जलभराव, वाहनों की लगी लंबी कतार
बिलासपुर-जांजगीर नेशनल हाईवे पर दर्रीघाट के पास बारिश का पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हो गया। मूसलाधार बारिश के बीच वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों ने जलभराव का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।वहीं अपोलो हॉस्पिटल के पास भी जलभराव के कारण लोग घंटों तक फंसे रहे। काफी मशक्कत के बाद लोग सुरक्षित बाहर निकल सके। बारिश थमने के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे, हालांकि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
बारिश के चलते जिला अधिवक्ता संघ ने लिखा पत्र
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला अधिवक्ता संघ ने मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि शुक्रवार को बारिश के कारण किसी भी मामले में प्रतिकूल आदेश पारित न किए जाएं। संघ ने पत्र में कहा कि भारी बारिश के चलते पक्षकारों और अधिवक्ताओं की न्यायालय में उपस्थिति काफी कम रही, इसलिए इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए न्यायिक कार्यवाही में आवश्यक संवेदनशीलता बरती जाए। बताया जा रहा है कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं के इस अनुरोध पर सहमति जताई है।

