रायपुर : राजधानी रायपुर में 70 वर्षीय बुजुर्ग जालसाजी के शिकार हो गए, अब जब रिपोर्ट लिखवाने थाने पहुंच रहे है तो पुलिस अधिकारी उन्हें थाने के चक्कर कटवा रहे है। दरअसल अम्लीडीह निवासी ध्रुव कुमार पाठक से कन्हैया लाल चड्ढा, जय नारा, सारिका वर्मा ,किरण चड्ढा ने पैसे दुगने करने का झांसा देकर 30 लाख रुपयों की ठगी को अंजाम दिया, जब सभी आरोपी रायपुर से फरार हो गए तो बुजुर्ग पाठक मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचे, परंतु पुलिस द्वारा मदद तो दूर की बात है,
उल्टा महीनों से बुजुर्ग को थाने के चक्कर काटने पर मजबूर कर दिया। पीड़ित पाठक ने बताया की पहले तो तेलीबांधा थाना में उनकी शिकायत ली नही जा रही थी, परंतु 31 जनवरी को शिकायत लेने के बाद भी अब तक इस मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज नहीं किया गया है।
पूर्व में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नही कर पाई पुलिस
7 जनवरी को तेलीबांधा में ही आरोपियों के विरुद्ध दर्ज धोखाधड़ी सहित अपराधिक षड्यंत्र के अपराध पर पुलिस महीनों बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी करने में नाकाम साबित हुई है। अब जब पुलिस पूर्व में ही दर्ज अपराध पर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पा रही है तो शायद इसी के चलते पीड़ित बुजुर्ग को थाने के चक्कर लगवा रही है, ताकि पुलिस के पास पेंडिंग केस ना रहे, पर इसका खामियाजा बुजुर्ग को कड़ी धूप में रोजाना थाने में जाकर मदद की गुहार लगाकर भुगतना पड़ रहा है।
एसएसपी के निर्देश के बाद भी वरिष्ठ नागरिकों की ऐसी हालत??
एसएसपी रायपुर प्रशांत अग्रवाल के कड़े निर्देशों के बाद भी थाना में पदस्थ अधिकारियों का यह रवैया साफ दर्शाता है की उन्हें उच्च अधिकारियों के आदेश से कोई लेना देना नही है, वे अपनी ही मनमानी करने में व्यस्त है, जिससे अब आम जनता का मन भी पुलिस से उठ चुका है, बुजुर्ग ने अब रायपुर पुलिस से मदद की उम्मीद भी छोड़ दी है। जहां एक ओर एसएसपी रायपुर जिले के हर थाने में वरिष्ठ नागरिकों की शिकायत सुनने एक अधिकारी को नियुक्त करते है,
उसी जिले के थाने में पदस्थ अधिकारी बुजुर्ग को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते है, जिससे यह साफ होता है की रायपुर पुलिस के ये दावे भी खोखले है। अब देखने वाली बात होगी की ये खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस बुजुर्ग को मदद पहुंचाती है या फिर यूं ही कड़ी धूप में गर्मी के इन दिनों में बुजुर्ग चप्पल घिसते नजर आते है।
