विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल लगभग 1.79 करोड़ लोगों की मौत कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों से होती है. दुनिया भर में मौत का यह सबसे बड़ा कारण है. इसलिए दिल की सेहत को बनाए रखना बहुत जरूरी है और इसमें खान-पान अहम भूमिका निभाता है. आइए, ऐसे ही पांच जरूरी खाद्य पदार्थों के बारे में जानते हैं जिन्हें दिल की सेहत बेहतर बनाने के लिए आपको अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए…
पालक: पालक विटामिन K का एक अच्छा स्रोत है. यह धमनियों की सुरक्षा करने और खून के सही तरीके से जमने (ब्लड क्लॉटिंग) में मदद करता है. एडिथ कोवान यूनिवर्सिटी (ECU), यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और डैनिश कैंसर सोसाइटी की एक हालिया स्टडी में पाया गया है कि रोजाना एक कप पालक खाने से एथेरोस्क्लोरोटिक वैस्कुलर डिजीज का खतरा काफी कम हो सकता है.
एक स्टडी से पता चला है कि विटामिन K1 का ज्यादा सेवन ASVD का खतरा कम कर सकता है. विटामिन K1 पालक, केल और ब्रोकली जैसी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाता है. यह ब्लड वेसेल्स में कैल्शियम जमा होने से रोकने में मदद कर सकता है, जो हृदय रोग का एक मुख्य कारण है.
साबुत अनाज: रिफाइंड अनाज दिल की सेहत के लिए सबसे बड़े दुश्मनों में से एक हैं. इसकी जगह आप साबुत अनाज जैसे ओट्स, क्विनोआ, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं चुन सकते हैं. इनमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो कोलेस्ट्रॉल कम करने और ब्लड शुगर लेवल को सही बनाए रखने में मदद करता है. 2021 की एक स्टडी में पाया गया कि रिफाइंड अनाज का ज्यादा सेवन करने से दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं, जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और मौत का खतरा बढ़ जाता है. इसके उलट, साबुत अनाज खाने से दिल की बीमारी का खतरा कम होता है.
बेरीज: ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी में फ्लेवोनॉइड्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कम करने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को घटाने में मदद करते हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया के रिसर्चर्स की 2019 की एक स्टडी में पाया गया कि रोजाना एक कप ब्लूबेरी खाने से दिल की बीमारी का खतरा कम होता है. पहले की स्टडीज से पता चला है कि नियमित रूप से ब्लूबेरी खाने से टाइप 2 डायबिटीज और दिल की बीमारी जैसी कई समस्याओं का खतरा कम हो जाता है. स्टडी में यह भी बताया गया कि रोजाना एक कप ब्लूबेरी खाने से ब्लड वेसल के काम करने की क्षमता और आर्टरीज के लचीलेपन में लगातार सुधार होता है, जिससे दिल की बीमारी का खतरा 12 से 15 प्रतिशत तक कम हो जाता है.
एवोकाडो: एवोकाडो में मोनोअनसैचुरेटेड फैट भरपूर मात्रा में होता है, जो ‘खराब’ LDL कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ‘अच्छे’ HDL कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है. 2022 में जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में छपी एक स्टडी में पाया गया कि हफ्ते में दो या उससे ज्यादा बार एवोकाडो खाने से दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है. स्टडी से पता चला कि जो लोग हफ्ते में कम से कम दो एवोकाडो खाते थे, उनमें दिल की बीमारी होने का खतरा उन लोगों की तुलना में 16 फीसदी कम था जो कभी-कभार या बिल्कुल भी एवोकाडो नहीं खाते थे, साथ ही, उनमें कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा भी 21 फीसदी कम पाया गया.
फैटी फिश: सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन और ट्राउट जैसी फैटी फिश में ओमेगा-3 फैटी एसिड (इकोसापेंटेनोइक एसिड (EPA) और डोकोसाहेक्साएनोइक एसिड (DHA)) भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये एसिड शरीर में सूजन कम करने और दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स की 2023 की एक स्टडी में पाया गया कि ज्यादा फैट वाली मछली खाने से दिल की बीमारी का खतरा कम हो सकता है.

