रायपुर : छत्तीसगढ़ में 24 फरवरी से लेकर 26 फरवरी तक कांग्रेस का 85वां महाधिवेशन हुआ जो काफी भव्य स्तर पर हुआ। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से लेकर आला कमान ने भी इस अधिवेशन में शिरकत की। तीन दिवसीय इस अधिवेशन में कई पारंपरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की चर्चा देश-विदेश में हो इसका प्रयास भी किया गया।
अब अधिवेशन ख़त्म हो गया है लेकिन अब अधिवेशन के बाद एक नए मामले ने तूल पकड़ लिया है। अधिवेशन ख़त्म होते ही एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमे सीएम भूपेश बघेल इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी नेताओं को एक माला पहना रहे हैं। सोशल मीडिया पर खूब हल्ला हुआ कि यह माला सोने की है लेकिन बाद में इसकी सच्चाई कुछ और ही निकल कर सामने आई।
सीएम भूपेश ने इसकी सच्चाई सामने लाते हुए लिखा – झूठ बोलो, बार-बार झूठ बोलो, जितना ज़ोर से बोल सकते हो, उतना बोलो”.. इस सूत्र पर चलने वाले इस अनमोल तोहफे का भी अपमान कर रहे हैं, साथ ही प्रकृति पुत्रों/पुत्रियों की कला और #छत्तीसगढ़ की संस्कृति का भी। आख़िर छत्तीसगढ़ के लोगों, यहाँ की संस्कृति से भाजपा को इतनी नफ़रत क्यों है?
दरअसल जिस हार का सोने की माला कह कर प्रचार किया जा रहा है उसे बीरन कहते हैं। जिसे बैगा लोग सूताखर नाम की घास और मुआ के फूल की डंडी से हाथों से बनाते हैं।
"झूठ बोलो, बार-बार झूठ बोलो, जितना ज़ोर से बोल सकते हो, उतना बोलो"..
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) February 27, 2023
इस सूत्र पर चलने वाले इस अनमोल तोहफे का भी अपमान कर रहे हैं, साथ ही प्रकृति पुत्रों/पुत्रियों की कला और #छत्तीसगढ़ की संस्कृति का भी।
आख़िर छत्तीसगढ़ के लोगों, यहाँ की संस्कृति से भाजपा को इतनी नफ़रत क्यों है? pic.twitter.com/O2r86BG8YJ
