लखनऊ:- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है. आशियाना थाने में तैनात रहे सब-इंस्पेक्टर धर्मवीर शाही पर एक बीएड छात्रा ने शादी का झांसा देकर शोषण करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
पीड़िता के अनुसार, उसने पहले बस्ती निवासी अभिषेक सिंह के खिलाफ शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का मुकदमा दर्ज कराया था. जीरो एफआईआर के माध्यम से यह मामला लखनऊ के आशियाना थाने पहुंचा, जिसकी विवेचना सब-इंस्पेक्टर धर्मवीर शाही कर रहे थे. छात्रा का आरोप है कि 21 फरवरी को विवेचना के सिलसिले में उसे थाने बुलाया गया. वहीं से आरोपी पुलिस अधिकारी ने उससे लगातार संपर्क बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे निजी बातचीत का सिलसिला बढ़ गया.
शिकायत के मुताबिक, विवेचना के नाम पर आरोपी अधिकारी लगातार फोन करने लगा और कथित तौर पर अश्लील बातचीत करता रहा. छात्रा का आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी ने शादी करने और जीवनभर साथ निभाने का भरोसा दिया. पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसे पत्नी का दर्जा देने और विवाह करने का वादा किया. इसी भरोसे में मार्च से अब तक कई बार उसका कथित शोषण किया गया.
छात्रा का आरोप है कि करीब डेढ़ महीने पहले वह आरोपी के साथ वाराणसी गई थी. वहीं उसे पता चला कि धर्मवीर शाही पहले से शादीशुदा हैं. इसके बाद जब उसने शादी को लेकर सवाल उठाए और दबाव बनाया तो आरोपी कथित तौर पर बहाने बनाने लगा और बात टालने लगा.
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब उसने शादी की बात दोबारा उठाई तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की. शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया और कथित तौर पर कहा कि उसे केवल मौज-मस्ती के लिए रखा गया था. छात्रा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके लिए आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया.
शिकायत के अनुसार, 30 जुलाई की रात उसे आशियाना थाने बुलाया गया. वहां आरोपी सब-इंस्पेक्टर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर कथित रूप से उसके साथ मारपीट की. पीड़िता का कहना है कि इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया. उसका आरोप है कि मोबाइल इसलिए छीना गया ताकि उसमें मौजूद चैट, फोटो, वीडियो और अन्य संभावित डिजिटल साक्ष्यों को मिटाया जा सके.
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर धर्मवीर शाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कर रही है. डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी प्रमाणों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है.

