सरगुजा :- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय नवविवाहिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसने चूहा मारने की दवा खा ली थी। करीब चार महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। मामले में मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस और प्रशासन ने परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सूरजपुर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित प्रगतिनगर निवासी वर्षा यादव (20) की शादी 1 मई 2026 को मैनपाट के लुरैना निवासी अजय यादव से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वर्षा ने अपने पिता उमेश यादव को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजा। इसमें उसने कथित तौर पर कहा कि वह जीना नहीं चाहती और उसे सुकून से मरने दिया जाए।
मैसेज मिलने के कुछ समय बाद अजय यादव ने वर्षा के पिता को फोन कर बताया कि उसकी तबीयत बिगड़ गई है और उसे इलाज के लिए अंबिकापुर के मिशन अस्पताल ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पिता अस्पताल पहुंचे। चूहा मारने की दवा खाने के बाद वर्षा की हालत गंभीर बताई गई और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया।
पिता का आरोप- ससुराल में ठीक व्यवहार नहीं होता था
परिजनों के अनुसार, 19 सितंबर को वर्षा ने अपने पिता से ससुराल में उसके साथ ठीक व्यवहार नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लिया। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
वर्षा के पिता उमेश यादव ने पुलिस को दिए बयान में ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 15 सितंबर को भी बेटी ने फोन कर अपनी परेशानी बताई थी और मारपीट की बात कही थी। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और गला दबाने की कोशिश की।
पिता के मुताबिक, वर्षा M.Sc. की पढ़ाई आगे जारी रखना चाहती थी। शादी के बाद ससुराल वालों की सहमति से उसकी पढ़ाई जारी रखने की बात तय हुई थी।
पुलिस और प्रशासन ने दर्ज किए बयान
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम के साथ नायब तहसीलदार जयेश कंवर मौके पर पहुंचे। उन्होंने वर्षा के पिता और अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए। मायके पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

