रायपुर : अन्य राज्यों की तरह ही छत्तीसगढ़ में भी गणतंत्र दिवस की धूम देखी जा रही है। प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में तिरंगा झंडा फहराकर परेड की सलामी ली। परेड की सलामी लेने के बाद सीएम साय ने जनता को संबोधित किया। वहीं राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इतना ही नहीं जगदलपुर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, अंबिकापुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और दुर्ग में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति से जुड़े आयोजन किए गए, वहीं प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
राज्यपाल रमेन डेका ने किया ध्वजारोहण
इसी कड़ी में रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य (CG Republic day 2026) आयोजन किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने पुलिस परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर देश की सुरक्षा, अनुशासन और एकता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
कुल 117 टुकड़ियां हुई शामिल
समारोह की परेड में कुल 117 टुकड़ियां शामिल हुई। इनमें सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा बल (ITBP), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और विशेष आमंत्रित उत्तरप्रदेश पुलिस की टुकड़ी शामिल है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष एवं महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस (पुरुष), जेल पुलिस (पुरुष), नगर सेना (पुरुष एवं महिला) तथा एनसीसी के बॉयज और गर्ल्स कैडेट्स भी परेड का हिस्सा रहें। परेड के दौरान पुलिस डॉग स्क्वायड विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
दुनिया देखेगी भारत की ताकत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आज होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ब्रह्मोस और आकाश हथियार प्रणालियां, गहन मारक क्षमता वाला ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर प्रणाली और अर्जुन युद्धक टैंक मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इस परेड में पहली बार नवगठित ‘भैरव लाइट कमांडो’ बटालियन और शक्तिबन रेजिमेंट, ज़ांस्कर पोनी और बैक्ट्रियन ऊंट हिस्सा शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि एक और नई पहल के तहत 61 कैवेलरी के घुड़सवार दस्ते के जवान युद्धक साजो-सामान में नजर आएंगे, जबकि स्वदेशी प्लेटफॉर्म समेत सेना की प्रमुख परिसंपत्तियां जवानों के साथ ‘चरणबद्ध युद्ध संरचना’ में कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ेंगी।
सेना की 61वीं घुड़सवार रेजिमेंट पारंपरिक रूप से औपचारिक परेड में सशस्त्र बलों की अग्रणी टुकड़ी रही है, जो औपचारिक वर्दी और आकर्षक टोपी पहने सदस्यों के लिए जानी जाती रही है। अधिकारियों ने बताया कि भारत सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करेगा, जिसमें नवगठित इकाइयां और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल शामिल हैं।

