कोरबा:- औद्योगिक नगरी कोरबा के विकास में विज्ञान और आधुनिक तकनीक का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. शहर के रिस्दी रोड पर 25 करोड़ की लागत से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर बनाया जाएगा. पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर कन्वेंशन सेंटर अब साइंस सेंटर में परिवर्तित होगा. अडानी फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर मद के अंतर्गत बनने वाला यह आधुनिक केंद्र विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों, प्रायोगिक प्रयोगों और अत्याधुनिक तकनीकों को करीब से समझने का मौका देगा.
कोरबा में बनेगा सबसे बड़ा साइंस सेंटर
यह परियोजना न केवल कोरबा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के छात्र-छात्राओं के लिए विज्ञान की दुनिया से जुड़ने का एक बड़ा माध्यम बनेगी. शुरुआत में सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है. निजी स्कूल के विद्यार्थी भी यहां आकर अपनी जिज्ञासा दूर कर विज्ञान की नई तकनीक से रूबरू हो सकेंगे. साइंस सेंटर की स्थापना का काम शुरू हो गया है. आने वाले कुछ महीनो के भीतर इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
वैज्ञानिक सोच और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
इस साइंस सेंटर का निर्माण कोरबा के इतिहास में एक नया वैज्ञानिक मील का पत्थर साबित होगा. यहां बच्चे वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से नई तकनीक सीख सकेंगे चंद्रयान और मंगलयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों में उपयोग होने वाली तकनीकों से रूबरू होंगे. यह केंद्र बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा.
करीब 1.30 लाख वर्गफीट में डेवलप किया जाएगा सेंटर
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा, ”लगभग 1.30 लाख वर्गफीट क्षेत्र में विकसित होने वाला यह अत्याधुनिक केंद्र विद्यार्थियों को जिला स्तर पर उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा. इस सेंटर में रोबोटिक्स जोन, स्पेस जोन, प्लेनेटोरियम, माइनिंग एक्सपीरियंस जोन, कल्चरल सेंटर तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) पर आधारित आधुनिक तकनीकें विकसित की जाएगी.
साइंस सेंटर से जुड़े विकास कार्यों महत्वपूर्ण तथ्य
रिस्दी रोड पर छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े ‘पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर’ का निर्माण किया जा रहा है. अब तक इस कन्वेंशन हॉल की उपयोगिता पर लगातार प्रश्न उठ रहे थे.
लगभग 25 करोड़ की लागत से बनने वाला यह साइंस सेंटर करीब 1.30 लाख वर्गफीट के विशाल क्षेत्र में विकसित किया जाएगा.
इस केंद्र में स्पेस जोन बनाया जाएगा, जहा विद्यार्थियों को चंद्रयान और मंगलयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी.
छात्रों को खगोल विज्ञान और ब्रह्मांड के रहस्यों को नजदीक से समझने के लिए आधुनिक प्लेनेटोरियम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.
छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाने के लिए इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी आधारित तकनीक जुड़ेंगी.
गुजरात के अहमदाबाद साइंस सेंटर की तर्ज पर कोरबा में ही उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलने से यहां के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर मौके मिलेंगे.

